वाराणसी एयरपोर्ट बनेगा साइलेंट एयरपोर्ट, अगस्त से नहीं सुनाई देंगी फ्लाइट अनाउंसमेंट की आवाजें
वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अगस्त महीने से “साइलेंट एयरपोर्ट” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत यात्रियों को फ्लाइट से जुड़ी घोषणाओं की आवाज नहीं सुनाई देगी। एयरपोर्ट प्रशासन इसके लिए आधुनिक तकनीक से लैस फ्लाइट इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम (FIDS) लगा रहा है।
एयरपोर्ट परिसर में कुल 52 नए FIDS लगाए जा रहे हैं, जो कंप्यूटर आधारित और एआई तकनीक से संचालित होंगे। इन डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से यात्रियों को फ्लाइट से जुड़ी सभी जानकारी रीयल टाइम में उपलब्ध कराई जाएगी। इस परियोजना को 31 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्तमान में एयरपोर्ट पर 43 FIDS सिस्टम पहले से लगे हुए हैं, लेकिन वे पुरानी तकनीक पर आधारित हैं और उनमें तकनीकी खामियां भी सामने आ रही थीं। इन्हीं कारणों से इन्हें हटाकर नए और उन्नत सिस्टम लगाए जा रहे हैं।
नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर मौजूद आगंतुकों को भी फ्लाइट का शेड्यूल, आगमन-प्रस्थान समय और स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। इससे यात्रियों को बार-बार पूछताछ काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्या है FIDS सिस्टम
फ्लाइट इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम एक डिजिटल तकनीक है, जो एयरपोर्ट पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से उड़ानों की जानकारी प्रदर्शित करती है। इसमें अराइवल, डिपार्चर, बोर्डिंग गेट, चेक-इन काउंटर, फ्लाइट स्टेटस (लैंडेड, बोर्डिंग, डिले या कैंसिल) जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होती हैं।
एआई आधारित होगी नई व्यवस्था
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार नया सिस्टम एआई आधारित होगा और हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जानकारी प्रदर्शित करेगा। इससे वाराणसी एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और शांत वातावरण मिलेगा।
एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि पुराने सिस्टम को हटाकर नई तकनीक से लैस FIDS लगाए जा रहे हैं, जिनकी क्षमता अधिक होगी और यह एयरपोर्ट विस्तार योजना का हिस्सा है।