वाराणसी : शहर के विकास के लिए 2575 करोड़ का बजट पास, बिना अनुमति सड़क खोदने पर होगी FIR
Mar 22, 2026, 22:42 IST
वाराणसी। नगर निगम वाराणसी की सदन बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2575.44 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को हरी झंडी दे दी गई। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में टाउनहॉल में आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया।
इस बजट में नगर निगम के लिए 2262.42 करोड़ रुपये और जलकल विभाग के लिए 313.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
बिना अनुमति सड़क खोदी तो होगी एफआईआर
शहर में बेतरतीब खुदाई पर लगाम लगाने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। अब कोई भी विभाग—चाहे वह पीडब्ल्यूडी, गैस, बिजली या केबल से जुड़ा हो—बिना अनुमति सड़क खोदता है, तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।
इस फैसले का उद्देश्य सड़कों को बार-बार नुकसान से बचाना और नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा देना है।
सफाई, पानी और रोशनी पर विशेष फोकस
बजट में आम नागरिकों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था के लिए 66.17 करोड़ रुपये का लक्ष्य
शुद्ध पेयजल और सीवर व्यवस्था के लिए जलकल विभाग को 313.02 करोड़ रुपये
शहर में रोशनी के लिए विद्युत एवं ऊर्जा मद में 21 करोड़ रुपये का प्रावधान
इसके अलावा पार्कों के विकास, हरियाली और सार्वजनिक सुविधाओं में भी बजट बढ़ाया गया है।
सीवर और जल व्यवस्था होगी मजबूत
जलकल विभाग ने इस बार पुराने नलकूपों की मरम्मत, नई पाइपलाइन बिछाने और सीवर पंपिंग स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया है।
सीवर जाम की समस्या से निपटने के लिए संचालन और रखरखाव मद में भी अतिरिक्त बजट रखा गया है, जिससे शहर के पुराने इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद है।
पार्क और पारंपरिक जल स्रोतों का होगा संरक्षण
सदन में पार्षदों द्वारा उठाए गए मुद्दों के बाद नगर निगम ने पार्कों के रखरखाव और पुराने कुओं की सफाई व संरक्षण के लिए भी बजट में प्रावधान किया है। इससे शहर के पर्यावरण और विरासत दोनों को संवारने का प्रयास किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख, कमीशनखोरी पर चेतावनी
महापौर अशोक तिवारी ने सदन में स्पष्ट किया कि निगम में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक रुपये के भी कमीशन की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनियों के भुगतान सिस्टम में बदलाव कर जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।
मनोनीत पार्षदों ने ली शपथ
बैठक की शुरुआत में महापौर ने शासन द्वारा मनोनीत 10 पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद सदन की कार्यवाही ‘वंदे मातरम्’ के साथ शुरू हुई और राष्ट्रगान के साथ समाप्त हुई।
इस बजट में नगर निगम के लिए 2262.42 करोड़ रुपये और जलकल विभाग के लिए 313.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
बिना अनुमति सड़क खोदी तो होगी एफआईआर
शहर में बेतरतीब खुदाई पर लगाम लगाने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। अब कोई भी विभाग—चाहे वह पीडब्ल्यूडी, गैस, बिजली या केबल से जुड़ा हो—बिना अनुमति सड़क खोदता है, तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।
इस फैसले का उद्देश्य सड़कों को बार-बार नुकसान से बचाना और नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा देना है।
सफाई, पानी और रोशनी पर विशेष फोकस
बजट में आम नागरिकों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था के लिए 66.17 करोड़ रुपये का लक्ष्य
शुद्ध पेयजल और सीवर व्यवस्था के लिए जलकल विभाग को 313.02 करोड़ रुपये
शहर में रोशनी के लिए विद्युत एवं ऊर्जा मद में 21 करोड़ रुपये का प्रावधान
इसके अलावा पार्कों के विकास, हरियाली और सार्वजनिक सुविधाओं में भी बजट बढ़ाया गया है।
सीवर और जल व्यवस्था होगी मजबूत
जलकल विभाग ने इस बार पुराने नलकूपों की मरम्मत, नई पाइपलाइन बिछाने और सीवर पंपिंग स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया है।
सीवर जाम की समस्या से निपटने के लिए संचालन और रखरखाव मद में भी अतिरिक्त बजट रखा गया है, जिससे शहर के पुराने इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद है।
पार्क और पारंपरिक जल स्रोतों का होगा संरक्षण
सदन में पार्षदों द्वारा उठाए गए मुद्दों के बाद नगर निगम ने पार्कों के रखरखाव और पुराने कुओं की सफाई व संरक्षण के लिए भी बजट में प्रावधान किया है। इससे शहर के पर्यावरण और विरासत दोनों को संवारने का प्रयास किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख, कमीशनखोरी पर चेतावनी
महापौर अशोक तिवारी ने सदन में स्पष्ट किया कि निगम में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक रुपये के भी कमीशन की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनियों के भुगतान सिस्टम में बदलाव कर जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।
मनोनीत पार्षदों ने ली शपथ
बैठक की शुरुआत में महापौर ने शासन द्वारा मनोनीत 10 पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद सदन की कार्यवाही ‘वंदे मातरम्’ के साथ शुरू हुई और राष्ट्रगान के साथ समाप्त हुई।