वाराणसी : 3 साल से बंद और सरकारी पोर्टल पर चालू! आप सांसद संजय सिंह का बड़ा आरोप, योगी सरकार पर उठाए सवाल
वाराणसी। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को प्रेस वार्ता में उन्होंने कोनिया क्षेत्र स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि स्कूल करीब तीन साल से बंद है, लेकिन सरकारी U-DISE पोर्टल पर उसे अब भी ‘ऑपरेशनल’ दिखाया जा रहा है।
संजय सिंह ने इसे बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि अगर स्कूल वास्तव में बंद है तो सरकारी रिकॉर्ड में उसके संचालन की जानकारी क्यों दर्ज है। उन्होंने प्रशासन पर स्कूल की स्थिति को लेकर भ्रम पैदा करने का आरोप भी लगाया।
प्रवक्ता की गिरफ्तारी पर भी उठाए सवाल
संजय सिंह ने आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह के साथ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनके मुताबिक, मुकेश सिंह ने स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाकर मामला सामने लाने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
संजय सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों को सामने लाने वाले व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि बच्चों की शिक्षा और स्कूलों की बदहाली पर सवाल उठाना क्या अपराध है?
तीन साल से मरम्मत का इंतजार
संजय सिंह ने दावा किया कि स्कूल भवन को जर्जर बताकर करीब तीन साल पहले मरम्मत के लिए बंद किया गया था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि तीन साल में भी स्कूल की मरम्मत पूरी नहीं हो सकी, मानो वहां ‘हीरे-मोती जड़े’ जा रहे हों।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल बंद रहने से क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सरकार को इस मामले में तत्काल कदम उठाना चाहिए।
एक महीने का अल्टीमेटम
AAP नेता ने कहा कि स्कूलों की मरम्मत के लिए सरकार की ओर से जारी धनराशि का सही इस्तेमाल जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सरकार को एक महीने का समय देते हुए कहा कि यदि कोनिया के स्कूल समेत अन्य विद्यालयों की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ तो पार्टी दोबारा ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ शुरू करेगी।
वहीं, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह ने कहा कि प्रशासन उन पर भ्रम फैलाने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकारी U-DISE पोर्टल पर स्कूल की स्थिति को लेकर ही सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि कोनिया सट्टी में स्थानांतरित किए गए विद्यालय को मूल स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े।
हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोप आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं के हैं। स्कूल के संचालन, U-DISE रिकॉर्ड, भवन की स्थिति और मरम्मत कार्य को लेकर प्रशासन या शिक्षा विभाग का पक्ष इस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।