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बिजली में नंबर-1, फिर भी CM Dashboard में 53वें स्थान पर पहुंची काशी, सड़क और पेंशन योजनाओं ने बिगाड़ा खेल

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की मार्च रिपोर्ट में वाराणसी को प्रदेश में 53वां स्थान मिला है। बिजली और ट्रांसफार्मर सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद सड़क निर्माण, वृद्धावस्था पेंशन और पोषण योजनाओं की धीमी प्रगति ने जिले की रैंकिंग को प्रभावित किया है।

 

वाराणसी: मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की मार्च 2026 की रिपोर्ट में वाराणसी की रैंकिंग उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को इस बार कुल 8.93 अंक प्राप्त हुए और जिला प्रदेश में 53वें स्थान पर रहा। बिजली और कई जनकल्याणकारी योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद सड़क निर्माण, वृद्धावस्था पेंशन और पोषण योजनाओं की धीमी प्रगति ने जिले की रैंकिंग को नीचे खींच दिया।

विकास और राजस्व दोनों में पिछड़ी काशी

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रिपोर्ट के अनुसार विकास कार्यों के मूल्यांकन में वाराणसी को 52वां स्थान मिला, जबकि राजस्व कार्यों में जिला 49वें स्थान पर रहा। कई विभागों को ए-ग्रेड प्राप्त हुआ, लेकिन कुछ प्रमुख योजनाओं के कमजोर प्रदर्शन का सीधा असर जिले की ओवरऑल रैंकिंग पर पड़ा।

बिजली आपूर्ति में वाराणसी प्रदेश में नंबर-1

रिपोर्ट में बिजली विभाग का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के मामले में वाराणसी प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। इसके अलावा खराब ट्रांसफार्मरों की शिकायतों के निस्तारण में भी जिले ने शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। बिजली निगम के प्रदर्शन को प्रशासन की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

सड़क निर्माण में फिर पिछड़ा वाराणसी

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रिपोर्ट में सबसे कमजोर प्रदर्शन सड़क निर्माण क्षेत्र का रहा। नई सड़क निर्माण योजनाओं को डी-ग्रेड मिला और शून्य अंक दर्ज किए गए। सड़क अनुरक्षण योजना में भी जिले को केवल चार अंक प्राप्त हुए।

गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों से वाराणसी सड़क निर्माण से जुड़ी योजनाओं में लगातार पिछड़ रहा है। जबकि प्रदेश सरकार के विकास एजेंडे में सड़क अवसंरचना सबसे प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

वृद्धावस्था पेंशन योजना की धीमी रफ्तार

समाज कल्याण विभाग की राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना भी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी। योजना को डी-ग्रेड दिया गया है। रिपोर्ट में यह संकेत मिला है कि पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाने में विभाग को अभी और सुधार की जरूरत है।

पोषण अभियान भी नहीं दिखा सका असर

महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित आईसीडीएस पोषण अभियान का प्रदर्शन भी संतोषजनक नहीं रहा। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में इस योजना को सी-ग्रेड दिया गया है। इससे साफ है कि पोषण और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में अभी कई चुनौतियां बनी हुई हैं।

बेहतर विभागों के बावजूद नहीं सुधरी रैंकिंग

हालांकि कई विभागों ने अच्छा प्रदर्शन किया और ए-ग्रेड हासिल किया, लेकिन सड़क निर्माण, पेंशन और पोषण योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कमजोर प्रदर्शन का असर पूरे जिले की रैंकिंग पर पड़ा। यही कारण रहा कि वाराणसी प्रदेश की शीर्ष श्रेणी में जगह नहीं बना सका।

प्रशासन के सामने सुधार की चुनौती

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की यह रिपोर्ट जिला प्रशासन के लिए चेतावनी भी मानी जा रही है। आने वाले महीनों में सड़क परियोजनाओं की गति बढ़ाने, वृद्धावस्था पेंशन के लंबित मामलों के निस्तारण और पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि वाराणसी की रैंकिंग में सुधार हो सके और जिले की विकास योजनाएं अपेक्षित परिणाम दे सकें।