वाराणसी: संग्रहालय में रखी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
वाराणसी में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए जाने से पुलिस ने रोक दिया। मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए एसीपी कोतवाली को पूजन सामग्री सौंपी।
वाराणसी: लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर रविवार को कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन, मैदागिन में श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता रविंद्रपुरी गुरुधाम स्थित पुरातत्व विभाग परिसर में सुरक्षित रखी गई लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन के लिए रवाना होने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।
बताया गया कि मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण के दौरान उक्त प्रतिमा को वहां से हटाकर पुरातत्व विभाग परिसर में सुरक्षित रखा गया था। कांग्रेसजन उसी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय से निकलने की तैयारी कर रहे थे।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही प्रशासन की ओर से कांग्रेस कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इलाके में बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण और श्रद्धा आधारित कार्यक्रम को प्रशासन द्वारा अनावश्यक रूप से बाधित किया गया। इसको लेकर कार्यकर्ताओं ने गहरा आक्रोश जताया।
एसीपी कोतवाली को सौंपी गई पूजन सामग्री
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेसजनों ने कांग्रेस कार्यालय परिसर में ही लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन के लिए लाई गई माला, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री एसीपी कोतवाली को सौंप दी गई।
कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रवीन प्रकाश, सतनाम सिंह, सुनील श्रीवास्तव, राजू राम, गिरीश पाण्डेय, वकील अंसारी, चंचल शर्मा, अशोक सिंह, संतोष चौरसिया और हसन मेहदी कब्बन सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रशासनिक कार्रवाई पर कांग्रेस ने जताई नाराजगी
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूरी तरह श्रद्धा और सम्मान से जुड़ा कार्यक्रम था, लेकिन प्रशासन ने इसे रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मद्देनजर बैरिकेडिंग कर दिए गए हैं।