कफ सिरप तस्करी मामले में सरगना शुभम का मौसेरा भाई आदित्य जायसवाल गिरफ्तार
वाराणसी के दो हजार करोड़ रुपये के कफ सीरप तस्करी मामले में पुलिस ने मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई आदित्य जायसवाल को गिरफ्तार किया, जबकि एक अन्य आरोपी राहुल यादव ने कोर्ट में सरेंडर किया।
वाराणसी: करीब दो हजार करोड़ रुपये के कफ सीरप तस्करी प्रकरण में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई और जालपा देवी चौक निवासी आदित्य जायसवाल को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आदित्य को 15 नवंबर को कोतवाली थाने में दर्ज मामले की जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान जब तथ्यों और सबूतों को सामने रखा गया तो आदित्य टूट गया और उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसने कफ सिरप तस्करी में शुभम जायसवाल के साथ-साथ उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल की भूमिका होने का भी दावा किया है।
बैंक पर्ची से खुला तस्करी का राज
पुलिस जांच के दौरान कफ सीरप तस्करी से जुड़े रुपयों के लेनदेन का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा था। इसी क्रम में एक बैंक पर्ची मिली, जिस पर आदित्य जायसवाल का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, जिससे पता चला कि आदित्य, शुभम जायसवाल का मौसेरा भाई है।
आदित्य जायसवाल पिछले करीब आठ वर्षों से सप्तसागर दवा मंडी में ‘स्वास्तिक फार्मा’ नाम से दवा की दुकान संचालित कर रहा था। पुलिस अब उसके वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।
आरोपी राहुल यादव ने कोर्ट में किया सरेंडर
इधर, कफ सिरप तस्करी मामले में एक अन्य आरोपी गायघाट निवासी राहुल यादव ने सोमवार को पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली द्वारा 15 नवंबर को दर्ज कराए गए केस में कुल 28 आरोपियों को नामजद किया गया था, जिसमें राहुल यादव का नाम 26वें नंबर पर शामिल था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन वह सीधे अदालत में पेश हो गया।
फिलहाल पुलिस कफ सिरप तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की परतें खोलने में जुटी है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।