2000 करोड़ कफ सिरप तस्करी केस: वाराणसी का लोकेश अग्रवाल बना गैंग का मास्टरमाइंड, 10 आरोपियों पर गैंगस्टर
वाराणसी: करीब 2000 करोड़ रुपये के कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी नेटवर्क के खिलाफ वाराणसी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सारनाथ थाना पुलिस ने गिरोह के 10 आरोपियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध कर दिया है। पुलिस जांच में वाराणसी के महमूरगंज निवासी लोकेश अग्रवाल को गिरोह का मुख्य सरगना बताया गया है। अब गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद पुलिस सभी आरोपियों की अवैध संपत्तियों को चिह्नित कर जब्ती की प्रक्रिया शुरू करेगी।
लोकेश अग्रवाल को बताया गया गिरोह का सरगना
पुलिस के अनुसार, महमूरगंज स्थित मोहनी कुंज कॉलोनी निवासी 32 वर्षीय लोकेश अग्रवाल इस संगठित नेटवर्क का संचालन कर रहा था। जांच के दौरान उसके खिलाफ कई अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने उसे पहले ही गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप और पीडी फार्मा के नाम से जुड़े दस्तावेज व लेटर पैड बरामद किए थे। पूछताछ के दौरान पीडी फार्मा के संचालक विष्णु पांडेय ने भी लोकेश अग्रवाल को पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया था।
वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और गोरखपुर तक फैला नेटवर्क
सारनाथ पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय था। पुलिस के अनुसार लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में कई राज्यों और शहरों से जुड़े आरोपी कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी कर रहे थे।
गिरोह में प्रमुख आरोपियों में, विष्णु पांडेय (पीडी फार्मा), प्रतीक गुजराती (वाराणसी), सुरेशचंद्र गुप्ता (प्रयागराज), फैजुर रहमान (प्रयागराज)
सत्येंद्र कुमार साहू, मोहम्मद सैफ, विनोद अग्रवाल (कानपुर), आकाश पाठक (वाराणसी), मनीष कुमार सिंह (गोरखपुर) शामिल बताए गए हैं। पुलिस का आरोप है कि गिरोह का मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध आपूर्ति कर भारी मुनाफा कमाना था।
औषधि निरीक्षक की शिकायत के बाद खुला पूरा नेटवर्क
इस पूरे मामले की शुरुआत 18 जून को हुई थी, जब औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने तिसरिया परशुरामपुर निवासी एवं पीडी फार्मा के संचालक विष्णु पांडेय के खिलाफ सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कई अहम सुराग मिले और धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क का खुलासा होता गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लोकेश अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पहले भी हो चुकी है करोड़ों की संपत्ति जब्त
पुलिस के अनुसार, गिरोह से जुड़े कानपुर निवासी कारोबारी विनोद अग्रवाल की लगभग पांच करोड़ रुपये की संपत्ति कफ सिरप तस्करी से जुड़े एक अन्य मामले में पहले ही जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा वाराणसी के शुभम (जो फिलहाल दुबई में छिपा बताया जा रहा है) और उसके पिता भोला प्रसाद (सोनभद्र जेल में बंद) के खिलाफ भी पहले से गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है।
अब शुरू होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई
सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि गिरोह के अधिकांश आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। गैंगस्टर एक्ट लागू होने के बाद अब गिरोह के प्रत्येक सदस्य की चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति मिलने की पुष्टि होती है तो गैंगस्टर एक्ट के तहत उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।