कोडीन सिरप तस्करी: अमित सिंह टाटा पिता के नाम पर चला रहा था फर्म, नेताओं से कनेक्शन? ब्लॉक प्रमुख बनने की तैयारी
एसटीएफ लखनऊ द्वारा गिरफ्तार अमित सिंह ‘टाटा’ के जरिए वाराणसी में कफ सिरप तस्करी का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ। उसकी फर्म अन्विन्या मेडिकल एजेंसी पर भी जांच की जरूरत बताई जा रही है। जिले में 28 फर्मों के लाइसेंस रद्द किए गए और 12 नई फर्मों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
वाराणसी: वाराणसी में कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एसटीएफ लखनऊ द्वारा गिरफ्तार किए गए सिकरील (कैंट) निवासी अमित सिंह टाटा पर गंभीर आरोपों के बाद अब उसकी पंजीकृत फर्म अन्विन्या मेडिकल एजेंसी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। यह फर्म अमित के पिता अशोक कुमार सिंह के नाम पर पंजीकृत है और इसी पते से कफ सिरप की सप्लाई होने की बात सामने आई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि फर्म का पता आरोपी के आवास से जुड़ा होने के बावजूद ड्रग विभाग के निरीक्षकों ने अब तक फर्म की सत्यापन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की। यहां तक कि 15 नवंबर को दर्ज एफआईआर में भी इस फर्म का नाम शामिल नहीं था, जबकि कोतवाली क्षेत्र में फर्म के खिलाफ मामला दर्ज है। विभागीय सूत्रों के अनुसार फर्म के पते पर न तो निरीक्षण हुआ और न ही संचालक से पूछताछ।
इसी बीच जिले में कफ सिरप के अवैध भंडारण और वितरण में शामिल कुल 28 फर्मों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। इसके अलावा 12 और फर्में चिह्नित की गई हैं, जिन पर लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें कई मेडिकल एजेंसियों व फार्मा आउटलेट के संचालकों के नाम शामिल हैं।
अमित सिंह ‘टाटा’ की प्रोफाइल ने बढ़ाए सवाल
अमित सिंह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा है। उसके फेसबुक पेज पर करीब 8800 फॉलोवर हैं, जहां वह खुद को ‘पॉलिटिशियन’ बताता है। पेज पर वह पूर्व सांसद धनंजय सिंह और अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ दिखाई देता है। इसे लेकर उसकी राजनीतिक गतिविधियों और नेटवर्क पर भी चर्चा तेज है।
ब्लॉक प्रमुख बनने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार अमित सिंह अवैध कमाई का उपयोग क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने और रामपुर ब्लॉक प्रमुख पद की तैयारी के लिए कर रहा था। उसने इससे जुड़े पोस्टर और सोशल मीडिया कंटेंट भी जारी किए थे। उसके खिलाफ वाराणसी और लखनऊ में बलवा, धमकी, हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं में सात मुकदमे दर्ज हैं।
अधिवक्ता पर हमले में भी नाम सामने आया
साल 2023 में अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह पर हुए हमले में भी अमित का नाम आरोपियों में शामिल किया गया था। बाद में अधिवक्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इस गिरोह पर शंका और गहरी हो गई थी।
सरगना शुभम जायसवाल से कनेक्शन
एसटीएफ पूछताछ में अमित ने बताया कि कोडीन सिरप सप्लाई नेटवर्क का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल था, जिसने अमित के नाम पर श्री मेडिकल नाम की एक और फर्म खोलवाई। सप्लाई, लेन-देन और वितरण का सारा संचालन शुभम और उसके सहयोगी करते थे, जबकि अमित को केवल तय लाभ मिलता था।
मामले की जांच जारी
प्रतिबंधित कफ सिरप पहली बार सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में बरामद हुई थी। एसटीएफ द्वारा गिरफ्तारी के बाद अमित को आगे की कार्रवाई के लिए सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस को सौंप दिया गया है, जहां मामला दर्ज कर विवेचना जारी है।