राहुल गांधी के सिख बयान मामले में वाराणसी कोर्ट में सुनवाई पूरी, 6 जून को आ सकता है फैसला
May 24, 2026, 10:06 IST
राहुल गांधी द्वारा सिख समुदाय पर अमेरिका में दिए गए बयान को लेकर चल रहे मामले में वारणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में शनिवार को सुनवाई पूरी हो गई। अदालत ने मामले की अगली तारीख 6 जून तय की है। माना जा रहा है कि उस दिन कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है।
यह सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश Yajuvendra Vikram Singh की अदालत में हुई।
क्या है पूरा मामला?
सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर निवासी नागेश्वर मिश्रा ने राहुल गांधी के अमेरिका में दिए गए बयान को भड़काऊ बताते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सितंबर 2024 में अमेरिका दौरे के दौरान राहुल गांधी ने सिख समुदाय को लेकर ऐसी टिप्पणी की थी, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
हालांकि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एमपी-एमएलए Neeraj Kumar Tripathi ने 28 नवंबर 2024 को यह प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था।
जिला जज कोर्ट से मिली थी राहत
इस आदेश के खिलाफ नागेश्वर मिश्रा ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की थी। बाद में विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने 21 जुलाई 2025 को पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए मामले की दोबारा सुनवाई का आदेश दिया था।
इसके बाद यह मामला फिर से एमपी-एमएलए कोर्ट में पहुंचा।
हाईकोर्ट से भी लगा था झटका
पुनरीक्षण याचिका मंजूर होने के खिलाफ राहुल गांधी ने Allahabad High Court में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद वाराणसी की अदालत में मामले की दोबारा सुनवाई शुरू हुई।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से उनके अधिवक्ता को पेश होने के लिए नोटिस भेजा गया था, लेकिन वे अदालत में उपस्थित नहीं हो सके।
इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई पूरी मानते हुए अगली तारीख 6 जून तय कर दी। अब इस मामले में अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।
यह सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश Yajuvendra Vikram Singh की अदालत में हुई।
क्या है पूरा मामला?
सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर निवासी नागेश्वर मिश्रा ने राहुल गांधी के अमेरिका में दिए गए बयान को भड़काऊ बताते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सितंबर 2024 में अमेरिका दौरे के दौरान राहुल गांधी ने सिख समुदाय को लेकर ऐसी टिप्पणी की थी, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
हालांकि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एमपी-एमएलए Neeraj Kumar Tripathi ने 28 नवंबर 2024 को यह प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था।
जिला जज कोर्ट से मिली थी राहत
इस आदेश के खिलाफ नागेश्वर मिश्रा ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की थी। बाद में विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने 21 जुलाई 2025 को पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए मामले की दोबारा सुनवाई का आदेश दिया था।
इसके बाद यह मामला फिर से एमपी-एमएलए कोर्ट में पहुंचा।
हाईकोर्ट से भी लगा था झटका
पुनरीक्षण याचिका मंजूर होने के खिलाफ राहुल गांधी ने Allahabad High Court में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद वाराणसी की अदालत में मामले की दोबारा सुनवाई शुरू हुई।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से उनके अधिवक्ता को पेश होने के लिए नोटिस भेजा गया था, लेकिन वे अदालत में उपस्थित नहीं हो सके।
इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई पूरी मानते हुए अगली तारीख 6 जून तय कर दी। अब इस मामले में अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।