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अब साइबर अपराधियों को पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी, एक साल में किए ये बड़े खुलासे

वाराणसी पुलिस ने इस साल साइबर ठगी के पीड़ितों को 5.1 करोड़ रुपये वापस कराए और ठगों के खातों में 28.3 करोड़ रुपये फ्रीज कराए। पुलिस ने 59 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर 283 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कार्रवाई की समीक्षा कर निर्देश दिए।

 

वाराणसी में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के दौरान इस साल ठगी के शिकार लोगों को 5.1 करोड़ रुपये वापस कराए गए हैं। वहीं, साइबर ठगों के खातों में ट्रांसफर हुई करीब 28.3 करोड़ रुपये की रकम फ्रीज कराई गई है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सोमवार रात कैंप कार्यालय में साइबर अपराध और संगठित गिरोहों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित न रहकर साइबर अपराधियों के नेटवर्क का पर्दाफाश करने के निर्देश दिए।

साइबर अपराधियों का नेटवर्क तोड़ने पर जोर

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिसकर्मी साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई के साथ संगठित साइबर अपराधी गिरोहों की पहचान और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने में भी रुचि लें। अवैध रूप से संचालित कॉल सेंटरों, साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क और अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने जटिल और ब्लाइंड केस का तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर खुलासा करने पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि नई तकनीक अपनाकर जटिल मामलों का खुलासा करने और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की क्षमता रखने वाले पुलिसकर्मियों को भविष्य में थाना प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण दायित्व देने में प्राथमिकता दी जाएगी।

साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की रकम में 47.02% की कमी

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि साइबर ठगी के खिलाफ चलाए गए अभियान का असर आंकड़ों में दिखाई दिया है। वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की धनराशि में लगभग 47.02 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

वहीं, वर्ष 2025 के मुकाबले होल्ड कराई गई धनराशि में 55.6 प्रतिशत और पीड़ितों को वापस कराई गई रकम में लगभग 73.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026 में साइबर अपराध के 219 मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की गई।

पीड़ितों को 5.1 करोड़ रुपये वापस, 28.3 करोड़ फ्रीज

पुलिस के मुताबिक, इस साल त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के पीड़ितों के खातों में 5.1 करोड़ रुपये वापस कराए गए। इसके अलावा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और बैंकों की मदद से साइबर ठगों के खातों में ट्रांसफर हुए करीब 28.3 करोड़ रुपये फ्रीज यानी होल्ड कराए गए। इस दौरान एनसीआरपी पर दर्ज 16,982 शिकायतों का निस्तारण भी किया गया।

59 साइबर गैंग का पर्दाफाश, 283 आरोपी गिरफ्तार

वाराणसी पुलिस ने पिछले एक साल में 59 साइबर गैंग का पर्दाफाश किया है। इन मामलों में गिरोह के सरगना समेत कुल 283 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस ने 15 अवैध कॉल सेंटरों का भी भंडाफोड़ किया।

साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए 10,876 मोबाइल नंबर और 9,462 मोबाइल डिवाइस के IMEI ब्लॉक कराए गए। इसके अलावा साइबर अपराध में पकड़े गए 21 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

पुलिस कमिश्नर ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि साइबर अपराध के मामलों में शिकायतों के निस्तारण के साथ संगठित गिरोहों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी जाए।