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फर्जी क्लीनिक एप डाउनलोड करते ही पुलिसकर्मी के खाते से साफ हुए ढाई लाख

वाराणसी के चोलापुर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल मणिशंकर जायसवाल साइबर ठगी का शिकार हो गए। बेटे के इलाज के लिए प्रयागराज के एक क्लीनिक का फर्जी नंबर गूगल पर मिलने के बाद उन्होंने नकली APK एप डाउनलोड किया, जिससे उनके बैंक खाते से 2.48 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस जांच जारी है।

 

वाराणसी: साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला चोलापुर थाना क्षेत्र का है, जहां तैनात एक हेड कांस्टेबल साइबर ठगी का शिकार हो गए। अपने पांच माह के बीमार बेटे के इलाज के लिए प्रयागराज स्थित एक निजी क्लीनिक में अपॉइंटमेंट लेने के दौरान ठगों ने उनके बैंक खाते से करीब ढाई लाख रुपये उड़ा लिए।

पीड़ित हेड कांस्टेबल मणिशंकर जायसवाल ने बताया कि 27 दिसंबर 2025 को उन्होंने अपने पुत्र गर्वित जायसवाल के इलाज के लिए इंटरनेट पर “शर्मा क्लीनिक” सर्च किया था। सर्च के दौरान मिले एक मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को डा. संजीव शर्मा और डा. भरत शर्मा से जुड़ा प्रतिनिधि बताया।

बातचीत के दौरान ठगों ने अपॉइंटमेंट बुकिंग के नाम पर एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन (appointment-booking9.apk) डाउनलोड करने के लिए कहा और ₹10 का भुगतान करने को बोला। हालांकि उस समय भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

इसके बाद 8 जनवरी 2026 को पीड़ित के बैंक ऑफ बड़ौदा सैलरी अकाउंट से ₹1 की संदिग्ध निकासी हुई। वहीं 11 जनवरी 2026 को खाते से क्रमशः ₹50,000, ₹50,000, ₹92,569, ₹40,000 और ₹16,000 की अलग-अलग ट्रांजैक्शन कर कुल ₹2,48,569 रुपये निकाल लिए गए।

खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना, वाराणसी में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चोलापुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।