KYC के नाम पर 3 लाख की साइबर ठगी, बैंक कर्मचारी बनकर भेजा लिंक, क्लिक करते ही खाली हो गया अकाउंट
वाराणसी के हुकुलगंज में साइबर ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर KYC अपडेट के नाम पर युवक को फर्जी लिंक भेजा। लिंक पर बैंक खाते की जानकारी भरते ही पीड़ित और उसके परिजनों के तीन खातों से कुल 2.99 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
वाराणसी: लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के हुकुलगंज में साइबर ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर युवक से करीब 3 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाज ने खुद को यूको बैंक की पांडेयपुर शाखा का कर्मचारी बताया और KYC अपडेट नहीं कराने पर खाता बंद होने का डर दिखाया। इसके बाद मोबाइल पर एक लिंक भेजा। लिंक पर जानकारी भरते ही पीड़ित और उसके परिजनों के तीन बैंक खातों से कुल 2,99,976 रुपये निकल गए।
मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक खाता बंद होने का दिखाया डर
हुकुलगंज निवासी धीरज साहनी के मुताबिक, 29 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को यूको बैंक पांडेयपुर शाखा का अधिकृत कर्मचारी बताया।
जालसाज ने धीरज से कहा कि उनके बैंक खाते की KYC अपडेट नहीं है। अगर तत्काल KYC पूरी नहीं की गई तो बैंक खाता बंद हो जाएगा।
धीरज के पिता बालकेश्वर प्रसाद लीवर और किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं। उनके इलाज का खर्च बैंक खाते में जमा रकम से ही चल रहा था। खाता बंद होने की बात सुनकर धीरज घबरा गए और ठग की बातों में आ गए।
लिंक खोलते ही तीन खातों से निकल गए रुपये
जालसाज ने धीरज के मोबाइल पर एक लिंक भेजा और KYC अपडेट के नाम पर उस पर बैंक खाते से जुड़ी जानकारी भरने को कहा।
धीरज ने लिंक पर जाकर मांगी गई जानकारी दर्ज कर दी। इसके कुछ ही समय बाद उनके और उनके परिजनों के तीन अलग-अलग बैंक खातों से रकम निकलने लगी।
पीड़ित के मुताबिक, एक खाते से 14,000 रुपये, दूसरे से 98,999 रुपये और तीसरे खाते से 1,86,977 रुपये निकाल लिए गए। इस तरह कुल 2,99,976 रुपये की साइबर ठगी हुई।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
खातों से रुपये निकलने की जानकारी मिलने के बाद धीरज को ठगी का पता चला। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की। लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर ठगों की पहचान और रकम की निकासी से जुड़े बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस कॉल करने वाले नंबर, भेजे गए लिंक और लेनदेन से जुड़े विवरणों की भी पड़ताल कर रही है।
KYC के नाम पर आने वाले लिंक से रहें सावधान
साइबर ठगी के इस मामले में जालसाजों ने बैंक खाता बंद होने का डर पैदा कर पीड़ित को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए मजबूर किया। इसके बाद फर्जी KYC लिंक के जरिए बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल की गई।
बैंक या किसी वित्तीय संस्था के नाम से फोन आने पर बिना सत्यापन के किसी लिंक पर क्लिक करना या बैंक खाते, कार्ड, OTP और अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करना भारी पड़ सकता है। KYC के लिए किसी संदिग्ध लिंक पर जानकारी दर्ज करने के बजाय संबंधित बैंक की आधिकारिक शाखा या ग्राहक सेवा से संपर्क करना सुरक्षित तरीका है।