{"vars":{"id": "130921:5012"}}

दालमंडी चौड़ीकरण: 24 मकानों की रजिस्ट्री पूरी, 10 फरवरी तक सभी निपटाने का लक्ष्य

वाराणसी की दालमंडी गली चौड़ीकरण परियोजना को रफ्तार मिल गई है। पीडब्ल्यूडी के अनुसार विरोध थम चुका है और अब तक 24 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। 10 फरवरी तक सभी रजिस्ट्री का लक्ष्य है।

 

वाराणसी: दालमंडी गली चौड़ीकरण परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। शुरुआती दौर में विरोध के स्वर उठने के बावजूद अब स्थानीय लोग विकास कार्य में सहयोग कर रहे हैं और स्वेच्छा से रजिस्ट्री व पुनर्वास से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझने आगे आ रहे हैं। बुधवार को भारी फोर्स का साथ ध्वस्तिकरण की कार्रवाई शुरु हुई। 

यह जानकारी दालमंडी चौड़ीकरण में प्रमुख भूमिका निभा रहे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि अब तक 24 मकानों की रजिस्ट्री पूरी कर ली गई है और विभाग को उम्मीद है कि आगामी 10 फरवरी तक शेष सभी मकानों की रजिस्ट्री भी पूरी कर ली जाएगी।

केके सिंह ने कहा कि दालमंडी में चौड़ीकरण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। जहां भी कोई समस्या सामने आ रही है, उसे मौके पर ही समाधान के जरिए निपटाया जा रहा है। वर्तमान में परियोजना को लेकर किसी प्रकार की बड़ी बाधा नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग और जिला प्रशासन इस परियोजना को मिशन मोड में आगे बढ़ा रहे हैं। नवंबर 2025 में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो दिसंबर में अस्थायी रूप से रोकी गई। इसके बाद 7 जनवरी को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में फिर से कार्रवाई शुरू की गई।

इस क्रम में मकान संख्या सीके 43/113 को सातवें मकान के रूप में ध्वस्त किया गया। इसके बाद 10 जनवरी को मकान संख्या सीके 39/5 पर कार्रवाई हुई। 12 जनवरी को पहली बार दालमंडी क्षेत्र में बुलडोजर चला, जिसमें नई सड़क की ओर स्थित मकान सी 1/27 और अंदरूनी क्षेत्र के सीके 67/27 को ध्वस्त किया गया।

मंगलवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) द्वारा अवैध घोषित मकान संख्या सीके 43/175 पर हथौड़ा चलाया गया। फिलहाल ये सभी मकान ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में हैं। वहीं मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए 14 और 15 जनवरी को कार्रवाई स्थगित रहने की संभावना जताई जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि चौड़ीकरण पूरा होने के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और पुराने शहर को बड़ी राहत मिलेगी।