{"vars":{"id": "130921:5012"}}

वाराणसी: विकास कार्यों में देरी पर मेयर सख्त, तय समय में काम पूरा न होने पर लगेगा भारी जुर्माना

वाराणसी में विकास कार्यों में देरी पर मेयर अशोक तिवारी सख्त नजर आए। तय समयसीमा में काम पूरा न होने पर संबंधित एजेंसियों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए। मैनपावर बढ़ाने का भी फैसला हुआ।

 

वाराणसी: शहर में विकास कार्यों को तेजी देने के लिए नगर निगम ने मैनपावर बढ़ाने और कार्य में देरी करने वाली संस्थाओं पर सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। तय समयसीमा में काम पूरा न होने पर संबंधित एजेंसियों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

यह निर्देश मंगलवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में वाराणसी स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए गए। महापौर ने स्पष्ट कहा कि अब किसी भी परियोजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में अस्सी क्षेत्र की पार्किंग व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठा। महापौर ने निर्देश दिया कि बीएचयू से ड्राइंग-डिजाइन की स्वीकृति मिलते ही कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए। इसके लिए 30 अप्रैल तक की समयसीमा तय की गई है। समय पर कार्य पूरा न होने की स्थिति में संबंधित संस्था पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

महापौर ने जल निगम को भी आगामी नौ माह के भीतर सभी लंबित परियोजनाओं को पूर्ण करने का निर्देश दिया। भेलूपुर स्थित 17.5 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित पार्क एवं पार्किंग परियोजना को 14 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा बेनियाबाग, पेट्रोल पंप और शिवपुर कांजी हाउस में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्सों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई गई। चितईपुर में नगर निगम की खाली भूमि पर जनोपयोगी परियोजना विकसित करने तथा रोहनिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

महापौर ने म्युनिसिपल बॉन्ड से जुड़ी परियोजनाओं की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात करने और मुख्य अभियंता को स्वयं निरीक्षण कर लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार, संयुक्त नगर आयुक्त जीतेंद्र कुमार आनंद, मुख्य अभियंता आरके सिंह, महाप्रबंधक जलकल अनूप सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी एसके चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।