वाराणसी: राजातालाब में बनेगा हाईटेक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, डीएल बनवाना होगा आसान
वाराणसी: राजातालाब तहसील स्थित बीरसिंहपुर में मंडलीय ड्राइविंग लाइसेंस ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना का रास्ता लगभग साफ हो गया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने परिवहन विभाग को एक एकड़ से अधिक सरकारी भूमि उपलब्ध कराने पर सहमति देते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को जमीन विभाग के नाम स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं।
जमीन हस्तांतरण की प्रशासनिक प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अधिकारियों के अनुसार, जुलाई माह के अंत तक भूमि परिवहन विभाग के नाम दर्ज होने के बाद केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा, ताकि परियोजना के लिए आवश्यक बजट स्वीकृत हो सके और निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
मिलेगा व्यवस्थित और आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण
प्रदेश सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न मंडलों में आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इसी क्रम में परिवहन आयुक्त ने जिला प्रशासन के सहयोग से सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, ताकि वाहन चालकों को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से प्रशिक्षण दिया जा सके।
वाराणसी में बनने वाला यह केंद्र मंडल के अभ्यर्थियों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण का प्रमुख संस्थान होगा, जहां ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के इच्छुक लोगों को एक माह का अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित वाहन संचालन की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल और व्यवस्थित हो जाएगी।
डिजिटल टेस्ट और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा सेंटर
प्रस्तावित मंडलीय ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर को अत्याधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। यहां दोपहिया, चारपहिया और व्यावसायिक वाहनों के चालकों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। प्रशिक्षण के साथ ड्राइविंग टेस्ट भी आधुनिक तकनीक के जरिए कराया जाएगा, जिससे लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बन सके।
केंद्र में आधुनिक टेस्ट ट्रैक, स्मार्ट क्लासरूम, ड्राइविंग सिमुलेटर, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और सुरक्षित वाहन संचालन की व्यावहारिक ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे अभ्यर्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में वाहन चलाने का बेहतर अनुभव मिलेगा।
मंडल के अभ्यर्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ
अब तक वाराणसी मंडल के अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण और ड्राइविंग परीक्षण के लिए सीमित संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। नए ट्रेनिंग सेंटर के शुरू होने के बाद उन्हें एक ही स्थान पर आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और ड्राइविंग टेस्ट की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे न केवल लाइसेंस प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि प्रशिक्षित और जिम्मेदार वाहन चालकों की संख्या भी बढ़ेगी।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में अहम कदम
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए चालकों का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों की सही जानकारी रखने वाले और प्रशिक्षित चालक अधिक जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाते हैं। इसी उद्देश्य से सरकार प्रदेश के विभिन्न मंडलों में आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित कर रही है।