{"vars":{"id": "130921:5012"}}

शेयर ट्रेडिंग और IPO में मोटे मुनाफे का झांसा, वाराणसी के डॉक्टर दंपती से 2.99 करोड़ की साइबर ठगी

वाराणसी के भेलूपुर निवासी चिकित्सक दंपती से शेयर ट्रेडिंग और IPO में निवेश के नाम पर 2.99 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई। फेसबुक मैसेंजर से संपर्क कर उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और Upstox से जुड़ी वेबसाइट पर निवेश कराया गया। साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

वाराणसी में शेयर ट्रेडिंग और IPO में निवेश के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने एक चिकित्सक दंपती से 2.99 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पहले फेसबुक मैसेंजर के जरिए संपर्क किया और फिर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश के सुझाव देने शुरू किए। भरोसा जीतने के लिए सेबी पंजीकरण प्रमाणपत्र समेत कई दस्तावेज भी भेजे गए। निवेश की रकम वापस निकालने की कोशिश पर जब महिला चिकित्सक को रोक दिया गया और अतिरिक्त पैसे जमा करने को कहा गया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। मामले में महिला चिकित्सक ने साइबर थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

फेसबुक मैसेंजर से शुरू हुआ संपर्क, व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा

भेलूपुर के विनायका निवासी संघमित्रा पाढ़ी और उनके पति आशीष कुमार दोनों चिकित्सक हैं। फिलहाल दोनों दोहा, कतर में तैनात हैं। संघमित्रा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 21 सितंबर से 26 अक्टूबर के बीच साइबर ठगों ने फेसबुक मैसेंजर पर उनसे संपर्क किया था। इसके लिए बोलिंगर बैंड एकेडमी नाम के निवेश पेज का इस्तेमाल किया गया।

संपर्क के बाद उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। यहां खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले लोग शेयर ट्रेडिंग और IPO में पैसा लगाने के सुझाव देने लगे। उन्होंने निवेश के जरिए अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया।

Upstox से जुड़ी वेबसाइट पर निवेश के लिए कहा

तहरीर के मुताबिक, ठगों ने संघमित्रा और उनके पति को Upstox से जुड़ी वेबसाइट upsktvpro.com पर निवेश करने के लिए कहा। अपने दावों पर भरोसा दिलाने के लिए आरोपितों ने सेबी पंजीकरण प्रमाणपत्र समेत अन्य दस्तावेज भी भेजे।

इसके बाद चिकित्सक दंपती ने अलग-अलग बैंक खातों में कई किस्तों में कुल 2.99 करोड़ रुपये जमा कर दिए। आरोप है कि ठगों ने निवेश के नाम पर उनसे यह रकम हासिल की।

मुनाफे की रकम निकालने पर रोक, मांगे अतिरिक्त पैसे

संघमित्रा के अनुसार, जब उन्होंने निवेश की गई रकम से मुनाफा निकालने की कोशिश की तो उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया। इसके बजाय उनसे और धनराशि जमा करने को कहा गया। इस घटनाक्रम के बाद उन्हें समझ आया कि निवेश के नाम पर उनके साथ साइबर ठगी हुई है।

इसके बाद महिला चिकित्सक ने कानूनी कार्रवाई के लिए साइबर थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। साइबर थाना पुलिस अब आरोपितों की पहचान करने और मामले की जांच में जुटी है।