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मोदी सरकार ने वाराणसी को दी 25,445 करोड़ की मेगा सौगात, 43 KM एलिवेटेड कॉरिडोर और 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी

केंद्र सरकार ने वाराणसी के लिए 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की दो मेगा सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 43.218 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर और 46.039 किमी ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने से शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रा का समय आधा रह जाएगा।

 

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को केंद्र सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी सड़क अवसंरचना परियोजनाओं में से एक की सौगात दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शहर के लिए दो मेगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 25,445.96 करोड़ खर्च होंगे। निर्माण पूरा होने के बाद वाराणसी में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों का सफर पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा।

46 किलोमीटर का 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल हाईवे-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच 46.039 किलोमीटर लंबे 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर ₹14,447.64 करोड़ की लागत आएगी और इसका निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा।

यह कॉरिडोर वाराणसी के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती देगा और शहर के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक व शैक्षणिक स्थलों तक पहुंच को पहले से कहीं अधिक सुगम बनाएगा।

60 मिनट का सफर अब सिर्फ 20 मिनट में

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यात्रा समय में भारी कमी के रूप में मिलेगा। वर्तमान में जिस मार्ग पर लगभग 60 मिनट का समय लगता है, वहां कॉरिडोर बनने के बाद यात्रा महज 20 मिनट में पूरी हो सकेगी। इससे रोजाना हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी और शहर में वाहनों का दबाव भी कम होगा।

वरुणा नदी किनारे बनेगा 43.218 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्र को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने वरुणा नदी के किनारे 43.218 किलोमीटर लंबे 6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना नेशनल हाईवे-31 को वाराणसी रिंग रोड से सीधे जोड़ेगी। इस कॉरिडोर के निर्माण पर ₹10,998.32 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

यह परियोजना विशेष रूप से शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम करने और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

काशी रेलवे स्टेशन तक मिलेगी सीमलेस कनेक्टिविटी

वाराणसी डीकंजेशन प्लान के तहत बनने वाला यह कॉरिडोर NH-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। इसके शुरू होने के बाद इस मार्ग पर यात्रा का समय 40 मिनट से घटकर लगभग 20 मिनट रह जाएगा। इससे रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

व्यापार और उद्योग को भी मिलेगा बड़ा फायदा

नई परियोजनाएं केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देंगी। यह कॉरिडोर चंदौली सोशल-इकोनॉमिक जोन और क्षेत्र के छह प्रमुख लॉजिस्टिक्स नोड्स को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा। इससे माल परिवहन तेज होगा, उद्योगों को सुविधा मिलेगी और निवेश के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

पर्यटन और विकास को मिलेगी नई रफ्तार

वाराणसी हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत करता है। बेहतर सड़क संपर्क और कम यात्रा समय का सीधा लाभ पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा। साथ ही स्थानीय नागरिकों की दैनिक आवाजाही भी आसान होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों मेगा परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी का सड़क नेटवर्क देश के आधुनिक शहरों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा और काशी के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।