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वाराणसी : जल निकासी में लापरवाही पर एक्सईएन पर गिरी गाज, जल निगम के अधिशासी अभियंता पवन गुप्ता निलंबित

 

वाराणसी। शहर में जल निकासी व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरतना जल निगम के अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को भारी पड़ गया। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की सख्ती के बाद उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद मंत्री ने पूरे प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में जलभराव और जल निकासी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था में थोड़ी सी भी लापरवाही आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। ऐसे में अधिकारियों को समस्या सामने आने का इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी करनी होगी। उन्होंने वाराणसी समेत सभी नगरीय निकायों में जल निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों की पहले से पहचान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से नालों, सीवर लाइनों और पंपिंग स्टेशनों की स्थिति की समीक्षा करने को कहा है। जहां कहीं जल निकासी व्यवस्था कमजोर मिले, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने साफ कहा कि जनहित से जुड़े कामों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शासन की ओर से जरूरी संसाधन और दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी और कड़ी कार्रवाई होगी।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शहरों में लोगों को बेहतर और सुरक्षित नागरिक सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। वाराणसी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में जल निकासी, सीवर और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल बारिश के दौरान जलभराव से तत्काल राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। वाराणसी में अधिशासी अभियंता के निलंबन की कार्रवाई के जरिए शासन ने यह संदेश भी दिया है कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।