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वाराणसी: फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम में फंसा युवक, 4 लाख गंवाए... साइबर सेल ने बचाए 3.20 लाख रुपये

वाराणसी के कपसेठी निवासी एक युवक से फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम के नाम पर साइबर ठगों ने 4 लाख रुपये की ठगी कर ली। शिकायत के बाद साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3.20 लाख रुपये वापस दिलाए। पुलिस ने लोगों से अधिक रिटर्न के लालच से बचने की अपील की है।

 

वाराणसी। अधिक रिटर्न और मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने वाराणसी के एक युवक से 4 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने 3.20 लाख रुपये वापस दिला दिए, हालांकि 80 हजार रुपये ठग दूसरे खातों में ट्रांसफर करने में सफल रहे।

फोन कॉल और ऐप के जरिए रचा गया पूरा जाल

कपसेठी निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि उन्हें पहले एक कॉल आया, जिसमें कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया गया। इसके बाद उन्हें एक ऐप से जोड़ा गया और लगातार फोन कर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। ठगों ने भरोसा दिलाया कि निवेश पर शानदार रिटर्न मिलेगा।

लालच में आकर अखिलेश ने अपने बैंक खाते से कुल 4 लाख रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। काफी समय तक कोई मुनाफा नहीं मिला तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

साइबर सेल की तेजी से बची लाखों की रकम

शिकायत मिलते ही साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार तिवारी के नेतृत्व में एसआई अजय कुमार पांडेय की टीम ने मामले की जांच शुरू की। सबसे पहले उस बैंक खाते को फ्रीज कराया गया, जिसमें ठगी की रकम भेजी गई थी।

हालांकि, खाते को फ्रीज किए जाने से पहले ही ठग 80 हजार रुपये कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर चुके थे। इसके बावजूद तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई के जरिए साइबर सेल ने 4 लाख रुपये में से 3.20 लाख रुपये पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दिए।

पुलिस की अपील: लालच में आकर न करें निवेश

साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति, ऐप या सोशल मीडिया लिंक के जरिए मिलने वाले निवेश के ऑफर पर भरोसा न करें। निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जांच जरूर करें। यदि किसी तरह की साइबर ठगी का संदेह हो तो बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।