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वाराणसी में बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, 68 मीटर पहुंचा जलस्तर, नाव से लेकर राहत शिविर तक तैयारी पूरी

 

वाराणसी। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

प्रशासन के अनुसार, फिलहाल गंगा का जलस्तर करीब 68 मीटर है और पानी लगभग 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। वाराणसी में गंगा का वार्निंग लेवल 70.262 मीटर, डेंजर लेवल 71.262 मीटर और हाई फ्लड लेवल (HFL) 73.901 मीटर निर्धारित है।

बैठक में जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों को पहले से चिन्हित कर सभी जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने के साथ ही नाव, बचाव उपकरण और राहत-बचाव दलों को पर्याप्त संसाधनों के साथ तैयार रखने को कहा।

बाढ़ चौकियों पर शिफ्टवार तैनाती

डीएम ने निर्देश दिया कि सभी बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाए। वहीं, राहत शिविरों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, प्रकाश और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया। इसके अलावा तटबंधों और संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।

पशुओं के लिए चारा और भूसे की व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को लेकर भी प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने ढाब क्षेत्र में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा और भूसा उपलब्ध कराने और उसका व्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भूसा वितरण की निगरानी करने के साथ ही पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

आपात स्थिति में तुरंत देनी होगी सूचना

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम और उच्चाधिकारियों को दी जाए।

उन्होंने जनसामान्य को भी समय रहते जरूरी जानकारी और सावधानियों से अवगत कराने पर जोर दिया। साथ ही, ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए जहां पिछले वर्षों में बाढ़ के दौरान दुर्घटनाएं हुई थीं। इन स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ लगातार गश्त करने को कहा गया।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा.) सदानंद गुप्ता ने बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों को लेकर अब तक की गई तैयारियों की जानकारी जिलाधिकारी को दी। इस दौरान एसडीएम सदर नितिन सिंह, एनडीआरएफ के कमांडेंट, जल पुलिस, संबंधित विभागों के अधिकारी और पार्षदगण मौजूद रहे।