वाराणसी में सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, तत्कालीन हेड क्लर्क समेत 5 लोगों पर FIR दर्ज
वाराणसी में सरकारी भूमि को फ्रीहोल्ड कराने के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। तत्कालीन हेड क्लर्क सलगू राम, वरिष्ठ सहायक संतोष कुमार श्रीवास्तव समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। जिलाधिकारी पहले ही फ्रीहोल्ड आदेश निरस्त कर चुके थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
वाराणसी: सरकारी भूमि को फ्रीहोल्ड कराने के कथित मामले में वाराणसी में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। नगर निगम के नायब तहसीलदार शेषनाथ यादव की शिकायत पर कैंट थाने में कलेक्ट्रेट के तत्कालीन हेड क्लर्क (ग्रामीण सीलिंग) एवं वरिष्ठ सहायक सलगू राम समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला सिकरौल स्थित सरकारी भूमि को कथित रूप से अवैध तरीके से फ्रीहोल्ड कराने से जुड़ा है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिकरौल की सरकारी भूमि से जुड़ा है मामला
नायब तहसीलदार शेषनाथ यादव के अनुसार, मामला मौजा सिकरौल, परगना शिवपुर, तहसील सदर की आराजी संख्या 538 की लगभग 889.30 वर्गफीट सरकारी भूमि से जुड़ा है। आरोप है कि इस भूमि को फ्रीहोल्ड कराने के लिए गलत तरीके से दावा प्रस्तुत किया गया। बाद में मामले की जांच के बाद जिलाधिकारी ने फ्रीहोल्ड आदेश को निरस्त कर दिया था।
जिलाधिकारी ने पहले ही कर दिया था फ्रीहोल्ड निरस्त
शिकायत में कहा गया है कि 17 मई 2025 को जिलाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी (नजूल) की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया था कि तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक एवं वरिष्ठ सहायक सलगू राम द्वारा संबंधित पत्रावली प्रस्तुत की गई थी। वहीं, फ्रीहोल्ड के लिए आवेदन करने वालों ने खुद को भूमि का वैध कब्जेदार बताया था। जांच में यह दावा सही नहीं पाया गया और जिलाधिकारी ने फ्रीहोल्ड को निरस्त कर दिया।
सरकारी कर्मचारियों पर सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप
प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि फ्रीहोल्ड धारक संतोष कुमार श्रीवास्तव, जो उस समय कलेक्ट्रेट में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत थे, तथा उनके भाई राम जी लाल श्रीवास्तव, जो पुलिस विभाग में अधिकारी रह चुके हैं, पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए सरकारी भूमि पर दावा करना गंभीर मामला है।
इन पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
कैंट थाने में दर्ज मुकदमे में तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक एवं वरिष्ठ सहायक सलगू राम, तत्कालीन वरिष्ठ सहायक संतोष कुमार श्रीवास्तव, उनके भाई राम जी लाल श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव तथा दिनेश श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। सभी आरोपित सिकरौल क्षेत्र के डिठौरी महाल के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और फ्रीहोल्ड प्रक्रिया की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।