वाराणसी: बीज भंडारण में लापरवाही, संयुक्त कृषि निदेशक ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
वाराणसी। रबी अभियान 2025 की तैयारियों के बीच कृषि विभाग ने जिले में बड़ी कार्रवाई की है। वाराणसी मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने शुक्रवार को साधन सहकारी समिति कोरौता, गोपालपुर और राजकीय कृषि बीज भंडार–जंसा का आकस्मिक निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर खामियां सामने आईं। लापरवाही पाए जाने पर समिति के सचिव और बीज भंडार प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में पाया गया कि समिति में उर्वरकों का रेट बोर्ड नहीं लगा था और न ही अनुदान का विवरण प्रदर्शित किया गया था। साथ ही वितरण रजिस्टर भी अद्यतन नहीं था। इस पर संयुक्त कृषि निदेशक ने सहायक निबंधक सहकारिता को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले के सभी समितियों और निजी उर्वरक दुकानों पर रेट बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए, जिसमें उर्वरक का तय मूल्य और सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का स्पष्ट विवरण हो।
संयुक्त कृषि निदेशक ने चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता या समिति किसान की खतौनी सत्यापन के बाद भी POS मशीन के माध्यम से तय दर पर उर्वरक उपलब्ध नहीं कराती या अधिक कीमत वसूलने की कोशिश करती है, तो उर्वरक नियंत्रण कानून के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने बीज बिक्री को लेकर भी निर्देश जारी किए। सभी विक्रेताओं को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसान को केवल अधिकृत और गुणवत्तायुक्त बीज ही बेचे जाएं। यदि कोई विक्रेता ऐसी कंपनी के बीज बेचते पकड़ा गया जिसे जिले स्तर पर विक्रय की अनुमति नहीं है, तो बीज को सीज कर कंपनी और विक्रेता दोनों पर कार्रवाई की जाएगी।
राजकीय बीज भंडारों को निर्देशित किया गया कि रेट बोर्ड अपडेट रखें और बीज केवल तय दाम पर ही वितरित करें। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई होगी। किसानों के हित में विभाग ने जानकारी दी कि जिले के सभी कृषि बीज भंडारों पर गेहूं का बीज 50% अनुदान पर उपलब्ध है। वर्तमान समय गेहूं की बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है। इसलिए किसान POS मशीन में अंगूठा लगाकर समय से बीज प्राप्त करें, क्योंकि देर से बुवाई करने पर उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।