{"vars":{"id": "130921:5012"}}

बम की धमकी के बाद खुला कोर्ट, हाई अलर्ट पर वाराणसी पुलिस- चप्पे-चप्पे की हुई तलाशी

वाराणसी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी के बाद तीन दिन बंद रहने वाला कचहरी परिसर सोमवार को खुला। कोर्ट खुलते ही पुलिस, बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड ने सघन जांच अभियान चलाया। सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।

 

वाराणसी: जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी के बाद तीन दिनों तक बंद रहा कचहरी परिसर सोमवार को दोबारा खोल दिया गया। कोर्ट खुलते ही न्यायिक कार्य शुरू हुआ, लेकिन पूरे परिसर में सुरक्षा का अभूतपूर्व बंदोबस्त देखने को मिला। पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया और कोर्ट परिसर के अंदर से लेकर बाहर तक कड़ी निगरानी रखी गई।

कोर्ट खुलने के साथ ही जजों के चैंबर, अदालत कक्षों और आसपास के सभी संवेदनशील स्थानों की दोबारा गहन तलाशी ली गई। कैंट एसीपी नितिन तनेजा, इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और मौके पर सघन जांच अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड, एलआईयू और खुफिया विभाग की टीमों ने पूरे परिसर को खंगाला। परिसर में खड़े वाहनों की बारीकी से जांच की गई और आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ भी की गई। पुलिस ने वकीलों और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रक्रिया की जानकारी देते हुए सतर्क रहने की हिदायत दी।

तीन दिन की बंदी के बाद कोर्ट खुलने पर भारी संख्या में वादकारी और अधिवक्ता पहुंचे, जिससे सुरक्षा जांच पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रही। इसके बावजूद पुलिस ने हर स्तर पर जांच को प्राथमिकता दी। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम और महामंत्री आशीष कुमार सिंह की मौजूदगी में भी सुरक्षा अभियान चलाया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बम की धमकी को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई है। परिसर में आने वाले हर व्यक्ति की पहचान की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। साथ ही धमकी देने वालों की पहचान के लिए जांच जारी है।

इस घटना के बाद वकीलों और न्यायालय कर्मचारियों में चिंता का माहौल है। बार एसोसिएशन ने भी प्रशासन से सुरक्षा और मजबूत करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने सभी अधिवक्ताओं और कर्मचारियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि न्यायालय परिसर की सुरक्षा और शांति बनाए रखी जा सके।