वाराणसी : मंडुआडीह में पंखे के गोदाम में लगी भीषण आग, दीवारों में पड़ी दरारें
वाराणसी। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के मडौली तिराहे के पास सोमवार तड़के रिहायशी इलाके में स्थित पंखे के गोदाम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी विकराल थी कि गोदाम की दीवारों में दरारें पड़ गईं। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए आसपास के मकानों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
सिक्योरिटी गार्ड ने सबसे पहले देखी आग
मडौली तिराहे के पास रवी फैन नाम से पंखों का गोदाम संचालित होता है। सोमवार सुबह करीब चार बजे गोदाम की सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने अंदर आग लगी देखी। उसने तत्काल मैनेजर अनादि शंकर गुप्ता को फोन कर इसकी जानकारी दी।
मैनेजर ने गोदाम मालिक रवि को सूचना देने के साथ ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को भी घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में दमकल की टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया।
आग की लपटों से दीवारों में पड़ी दरार
गोदाम में लगी आग देखते ही देखते काफी भीषण हो गई। आग की तेज लपटों और गर्मी के कारण गोदाम की दीवारों में दरारें पड़ गईं। इससे आसपास रहने वाले लोगों में भी दहशत फैल गई।
स्थिति को देखते हुए पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने एहतियात बरती और आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों को बाहर निकाल लिया। लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम जारी रखा।
गोदाम में केमिकल और थिनर के ड्रम भी थे
मैनेजर के मुताबिक, गोदाम में नवनिर्मित पंखों के अलावा पंखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्री रखी थी। इसके साथ ही वहां केमिकल और थिनर से भरे ड्रम भी मौजूद थे।
गोदाम के अंदर रखे ज्वलनशील सामान की जानकारी फायर ब्रिगेड की टीम को दी गई। इसके बाद दमकल कर्मियों ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए आसपास का इलाका खाली कराया, ताकि आग फैलने या किसी अन्य हादसे की स्थिति में लोगों को नुकसान न हो।
आग लगने की वजह अभी साफ नहीं
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के मुताबिक, आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की टीमों को मौके पर भेज दिया गया था। कई गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था।
फिलहाल आग लगने की सटीक वजह सामने नहीं आई है। अधिकारियों के मुताबिक, आग पूरी तरह बुझने के बाद घटनास्थल की जांच की जाएगी। इसके बाद ही आग के कारणों और नुकसान का सही आकलन हो सकेगा।