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वाराणसी: प्राइमरी स्कूल में नाबालिग छात्राओं से छेड़खानी के आरोपी को मिली जमानत

 

वाराणसी: विकास खंड हरहुआ के अंतर्गत ग्राम पिसौर स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पदमाकर सिंह पर कक्षा 4 की चार नाबालिग छात्राओं (उम्र 11-12 वर्ष) के साथ छेड़खानी और अश्लील हरकतों का आरोप लगने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है।

अदालत ने बचाव पक्ष के वकीलों वरुण प्रताप सिंह और विवेक यादव की दलीलों को सुनने के बाद पदमाकर सिंह की जमानत याचिका मंजूर कर ली। आरोपी को 75-75 हजार रुपये के दो व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि की जमानतदारियां पेश करने पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।

मामले की पूरी जानकारी

यह मामला फरवरी 2026 में सामने आया था, जब 8 फरवरी को पीड़ित छात्राओं ने अपने परिजनों को प्रधानाध्यापक की गलत हरकतों के बारे में बताया। छात्राओं के अनुसार, आरोपी पिछले करीब 20 दिनों से उन्हें गलत तरीके से छूता था, गोद में बिठाकर छेड़छाड़ करता था। वह टॉफी-बिस्किट और अच्छे नंबर दिलाने का लालच देकर अश्लील हरकतें करता था। विरोध करने पर बच्चों को जान से मारने और किसी को न बताने की धमकी भी देता था।

जब परिजन स्कूल पहुंचे और प्रधानाध्यापक से बात करने की कोशिश की, तो आरोपी आक्रोशित हो गया। उसने परिजनों को गालियां दीं और डंडे से मारने की कोशिश की, जिससे स्कूल परिसर में हंगामा मच गया। इसके बाद परिजनों ने शिवपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था और ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन के बीच उसे हेलमेट पहनाकर सुरक्षित बाहर निकाला गया था।

आरोपी प्रधानाध्यापक पदमाकर सिंह को घटना के बाद विभागीय जांच के लिए निलंबित भी किया गया था। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज इस मामले में अब जमानत मिलने से पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी।