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मान मंदिर घाट पर नाव में बना था मीट, वीडियो वायरल होते ही 5 नाविक गिरफ्तार, नाव भी सीज

वाराणसी के मान मंदिर घाट के पास नाव पर मीट पकाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने पांच नाविकों को गिरफ्तार कर लिया। दशाश्वमेध पुलिस ने नाव भी सीज कर दी है। आरोपियों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और सामाजिक माहौल बिगाड़ने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

वाराणसी: मान मंदिर घाट के पास गंगा किनारे खड़ी एक नाव पर मीट पकाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच नाविकों को गिरफ्तार कर लिया। दशाश्वमेध पुलिस ने संबंधित नाव को भी सीज कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने और सामाजिक माहौल बिगाड़ने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो कुछ समय पुराना बताया जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोबारा प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पांच नाविक गिरफ्तार, नाव भी सीज

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रामनगर के सूजाबाद निवासी दीपक कुमार, अजय साहनी और राहुल साहनी के साथ डोमरी निवासी अरुण कुमार साहनी और अनुराग निषाद शामिल हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई नाव को भी कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।

धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि चौकी प्रभारी अनुजमणि त्रिपाठी की तहरीर पर पांचों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि मान मंदिर घाट के पास गंगा में खड़ी नाव पर मीट पकाया गया, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई की गई।

पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

इससे पहले भी गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी के दौरान नॉनवेज खाने और उसके अवशेष गंगा में फेंकने का वीडियो वायरल हुआ था। उस मामले में मार्च महीने में 14 युवकों को गिरफ्तार किया गया था।

हालांकि बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी। उस मामले की शिकायत भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने दर्ज कराई थी।

गंगा में ऐसे आयोजनों की अनुमति नहीं

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गंगा नदी में इस प्रकार के आयोजन और गतिविधियां अनुमन्य नहीं हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।