वाराणसी: गर्मी से राहत की बड़ी तैयारी, चौराहों पर लगेंगी मिस्ट गन, स्कूलों में बनेगी ‘कूल रूफ’
वाराणसी: काशी अब ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रही है। नगर निगम ने भीषण गर्मी से शहरवासियों को राहत देने के लिए ‘राहत सिस्टम’ और ‘कूल रूफ’ जैसी योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत शहर के प्रमुख चौराहों पर मिस्ट गन लगाई जाएंगी, जिससे तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक कमी लाने का दावा किया गया है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि मैदागिन, गोदौलिया, लहुराबीर और वरुणा पुल जैसे प्रमुख स्थानों पर ‘राहत सिस्टम’ स्थापित किए जाएंगे। यह अत्याधुनिक वायुमंडलीय प्रणाली विशेष द्रव को सूक्ष्म कणों में बदलकर वातावरण में फैलाएगी, जिससे गर्मी के असर को कम करने में मदद मिलेगी। नगर निगम ने गौशालाओं में इस तकनीक को लगाने का कार्य भी शुरू कर दिया है।
इसके साथ ही स्कूलों और मलीन बस्तियों को गर्मी से बचाने के लिए ‘कूल रूफ कोटिंग’ योजना लागू की जा रही है। इसकी शुरुआत जेपी मेहता इंटर कॉलेज से की गई है और इसे आगे 100 विद्यालयों तक विस्तार देने की योजना है। इस विशेष रिफ्लेक्टिव पेंट के जरिए सूर्य की किरणों को परावर्तित कर छतों को ठंडा रखा जाएगा।
नगर निगम शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात सुधार पर भी जोर दे रहा है। लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर के नीचे 13 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन हब विकसित किया जाएगा। यहां पाथ-वे, हरियाली और डॉरमेट्री जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिन्हें अगले आठ से नौ महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं मैदागिन क्षेत्र में जाम की समस्या को कम करने के लिए अस्सी की तर्ज पर 100 वाहनों की क्षमता वाली मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी। नगर निगम ने इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके अलावा कचहरी स्थित आंबेडकर चौराहा, लहुराबीर, लंका, मैदागिन और तेलियाबाग समेत शहर के 15 प्रमुख चौराहों और तिराहों के सुंदरीकरण की योजना बनाई गई है। चरणबद्ध तरीके से शहर के सभी 276 पार्कों का कायाकल्प भी किया जाएगा।