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वाराणसी: मानसून से पहले एक्शन में नगर निगम, मेयर-नगर आयुक्त ने ड्रेनेज सिस्टम का किया निरीक्षण

वाराणसी में मानसून से पहले जलभराव रोकने के लिए महापौर और नगर आयुक्त ने नाला सफाई और ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण किया। कंदवा, सुसुवाही और करौंदी में कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।
 

वाराणसी: मानसून से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सोमवार को शहर के अलग अलग वार्डों का निरीक्षण कर ड्रेनेज सिस्टम और नाला सफाई कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

कंदवा, सुसुवाही और करौंदी में जमीनी हकीकत परखी

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कंदवा-19, सुसुवाही-39 और करौंदी-33 वार्डों में चल रहे नाला सफाई कार्यों की वास्तविक स्थिति को परखा। महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून आने से पहले सभी छोटे-बड़े नालों की तली झाड़ सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न उत्पन्न हो।

चितईपुर से शुरू हुआ निरीक्षण

निरीक्षण अभियान की शुरुआत चितईपुर क्षेत्र से हुई, जहां मुख्य मार्ग के बड़े नाले और गांव के भीतर की ड्रेनेज लाइन की स्थिति देखी गई। इसके बाद टीम कंचनपुर पोखरी पहुंची, जहां वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मीरानगर एक्सटेंशन, शिव नगर कॉलोनी और निर्माणाधीन पार्क का भी निरीक्षण किया।

विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मियावाकी पद्धति से विकसित हो रहे जंगल, आरसीसी रोड निर्माण और अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। सुसुवाही के आनंदपुरम कॉलोनी में नाला सफाई की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था को तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

वृंदावन पोखरे के सुंदरीकरण पर विशेष जोर

सुसुवाही स्थित वृंदावन पोखरे के सुंदरीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। महापौर और नगर आयुक्त ने संबंधित संस्था को तय समय सीमा में कार्य पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद सुरेश पटेल, सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, जोनल अधिकारी इंद्र विजय, जोनल स्वच्छता अधिकारी गजेंद्र सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी को मानसून से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।