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वाराणसी : राष्ट्रीय लोक अदालत में 4.72 लाख से ज्यादा मामलों में समझौता, 20 करोड़ से अधिक राशि की हुई वसूली

 

वाराणसी। जनपद न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान न्यायालय और विभिन्न प्रशासनिक विभागों को मिलाकर कुल 4 लाख 72 हजार 161 वादों का निपटारा हुआ, जबकि 20 करोड़ 49 लाख 41 हजार 94 रुपये से अधिक की धनराशि की वसूली की गई।



राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत भारतीय परंपरा की पुरानी व्यवस्था का आधुनिक स्वरूप है, जहां लोग आपसी बातचीत और सामंजस्य के जरिए विवादों का समाधान करते रहे हैं। वर्ष 1987 के अधिनियम के जरिए इस व्यवस्था को कानूनी पहचान मिली।

जिला जज संजीव शुक्ला ने कहा कि लोक अदालत ऐसा प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है, जहां बिना समय गंवाए गंभीर मामलों का भी समाधान संभव हो पाता है। उन्होंने पारिवारिक मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि परिवार समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है और न्यायालय की भूमिका परिवारों को जोड़ने की होनी चाहिए, तोड़ने की नहीं।

उन्होंने कहा कि आपसी सहमति और समझौते के जरिए मामलों का निस्तारण समाज में सौहार्द और विश्वास बढ़ाने का कार्य करता है।

राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय की ओर से कुल 33 हजार 807 वादों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में लगभग 2 करोड़ 96 लाख 86 हजार 619 रुपये की धनराशि की वसूली हुई।

वहीं प्रशासन एवं अन्य विभागों की ओर से 4 लाख 38 हजार 354 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें 17 करोड़ 52 लाख 54 हजार 475 रुपये की वसूली के लिए समझौता हुआ।

इस तरह न्यायालय और प्रशासनिक विभागों को मिलाकर कुल 20 करोड़ 49 लाख 41 हजार 94 रुपये से अधिक की धनराशि की वसूली सुनिश्चित की गई।

कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अनिरुद्ध कुमार तिवारी, मोटर दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी रामकेश, बनारस बार अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला, सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम, अपर जिला जज एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी अजीत कुमार, यूनियन बैंक के एलडीएम अविनाश अग्रवाल, पूर्णकालिक सचिव राजीव मुकुल पाण्डेय, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जीएम बीएन सिंह समेत बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, बैंक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।