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बिजली विभाग के फर्जी कर्मचारियों ने अधिवक्ता के घर मारा छापा, केस और जेल का डर दिखाकर 49,500 रुपये ठगे

वाराणसी के पांडेयपुर में फर्जी बिजली कर्मचारी बनकर पहुंचे दो युवकों ने अधिवक्ता को बिजली चोरी के मुकदमे और जेल का डर दिखाकर 49,500 रुपये ठग लिए। आरोपियों ने घर से 40 हजार रुपये नकद लिए और बेटी से ATM के जरिए 9,500 रुपये निकलवाए। घटना CCTV में कैद हो गई।
 

वाराणसी। लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के पांडेयपुर नई बस्ती में बिजली विभाग के फर्जी कर्मचारी बनकर पहुंचे दो युवकों ने एक अधिवक्ता के परिवार को बिजली चोरी के मुकदमे और जेल भेजने की धमकी देकर 49,500 रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने पहले घर से 40 हजार रुपये नकद लिए और फिर अधिवक्ता की बेटी से एटीएम के जरिए 9,500 रुपये निकलवाए। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

तार चेक करने के बहाने घर में घुसे दो युवक

पांडेयपुर नई बस्ती निवासी अधिवक्ता हिमांचल सिंह वाराणसी कचहरी में वकालत करते हैं। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, 10 अगस्त की सुबह करीब 11:30 बजे दो व्यक्ति उनके घर पहुंचे। दोनों ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया और घर की बिजली की तार चेक करने की बात कही।

आरोप है कि घर में दाखिल होने के बाद दोनों ने अधिवक्ता, उनकी पत्नी और बेटी को डराना शुरू कर दिया। युवकों ने उन पर बिजली चोरी का आरोप लगाया और कार्रवाई की बात कहते हुए एक लाख रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर केस दर्ज कराने और जेल भेजने की धमकी भी दी गई।

घर में रखे 40 हजार रुपये देने पड़े

अधिवक्ता के मुताबिक, दोनों युवकों की धमकी और दबाव के चलते उन्होंने घर में रखे 40 हजार रुपये नकद उन्हें दे दिए। इसके बाद भी आरोपियों की मांग खत्म नहीं हुई। आरोप है कि दोनों में से एक युवक अधिवक्ता की बेटी को अपने साथ लेकर पास के एटीएम पर पहुंचा। वहां उससे 9,500 रुपये निकलवाए गए। इसके बाद आरोपी ने बेटी से अपने पिता को साथ लेकर आने को कहा।

दवा की दुकान पर बुलाकर भी लिए पैसे

घटना से घबराए अधिवक्ता ने आरोपियों की ओर से दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने उन्हें सड़क किनारे स्थित एक दवा की दुकान के पास बुलाया। अधिवक्ता अपनी बेटी के साथ वहां पहुंचे और एटीएम से निकाले गए 9,500 रुपये भी आरोपियों को सौंप दिए। इस तरह आरोपियों ने अधिवक्ता से कुल 49,500 रुपये ले लिए और वहां से फरार हो गए।

आरोपियों ने बताए नीरज राय और दीपक सेठ नाम

पैसे लेने के दौरान एक आरोपी ने अपना नाम नीरज राय निवासी पहड़िया बताया, जबकि दूसरे ने अपना नाम दीपक सेठ बताया। पीड़ित के अनुसार, दीपक ने अपना मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया था। बाद में अधिवक्ता को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने लालपुर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए तहरीर दी।

CCTV में कैद हुई पूरी घटना

इस मामले में सबसे अहम साक्ष्य अधिवक्ता के घर में लगा CCTV कैमरा बताया जा रहा है। कैमरे में दोनों संदिग्धों के घर पहुंचने और वहां की गतिविधियों की फुटेज रिकॉर्ड हुई है।

अधिवक्ता का आरोप है कि थाने पहुंचने पर दरोगा ने उन्हें अगले दिन आने की बात कहकर वापस भेज दिया। हालांकि, पुलिस अब दी गई तहरीर और CCTV फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

बिजली विभाग के नाम पर ठगी से रहें सावधान

इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत सामने ला दी है। किसी भी व्यक्ति के खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर घर में प्रवेश करने पर उसकी पहचान और विभागीय आईडी की जांच करना जरूरी है। किसी कार्रवाई के डर से मौके पर नकद रकम देना भी उचित नहीं है। संदेह होने पर संबंधित बिजली विभाग और पुलिस से तत्काल संपर्क किया जा सकता है।