वाराणसी पुलिस आयुक्त की ड्राइवरों को कड़ी चेतावनी, 15 दिन का विशेष अभियान शुरू
वाराणसी। पुलिस वाहनों के चालकों द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दोपहिया एवं चारपहिया पुलिस वाहन चालकों को अनुशासन, सुरक्षा और जिम्मेदारी के साथ वाहन संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि अच्छा ड्राइवर वह नहीं जो जल्दी पहुँचाए, बल्कि वह जो आपको सुरक्षित पहुँचाए। जब हम स्वयं नियमों का पालन करेंगे तभी नैतिक रूप से दूसरों पर कार्रवाई कर सकेंगे।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस वाहन चालकों के आचरण का सीधा प्रभाव आम जनता पर पड़ता है, इसलिए वे सड़क पर अनुशासन और आदर्श प्रस्तुत करें।
कार्यशाला के प्रमुख निर्देश
* यातायात नियमों का कड़ाई से पालन – पुलिस चालक स्वयं ट्रैफिक अनुशासन का उदाहरण बनें।
* सिग्नल का पालन अनिवार्य, लाल बत्ती न तोड़ें।
* वन-वे में गलत दिशा से प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित।
* अनावश्यक हॉर्न और सायरन का प्रयोग बंद—सायरन केवल आपात स्थिति में।
* ओवरस्पीडिंग से बचें—“Speed thrills but kills.”
* शराब पीकर वाहन न चलाएं—किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं।
* हेलमेट और सीट बेल्ट 100% अनिवार्य।
* गलत पार्किंग पर रोक—पुलिस वाहन गलत स्थान पर खड़े न हों।
* मानक नंबर प्लेट (HSRP) का उपयोग—फैंसी या छोटे अक्षर वाले प्लेट प्रतिबंधित।
पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि आने वाले 15 दिनों तक पुलिसकर्मियों द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
* बिना नंबर प्लेट वाहनों पर तुरंत चालान
* बिना हेलमेट चालकों पर MV एक्ट के तहत कार्रवाई
* नियम तोड़ने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी
उन्होंने जोर देकर कहा कि “पुलिस सबसे पहले स्वयं अनुशासन का आदर्श बने, तभी जनता प्रेरित होगी।” कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त यातायात अनिल कुमार यादव, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं पुलिस वाहन चालक उपस्थित रहे।