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वाराणसी: साइबर ठगी से पशु तस्करी तक अपराधियों की संपत्ति होगी जब्त, अपराधियों पर NSA-गैंगस्टर एक्ट में होगी कार्रवाई

वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। साइबर ठगी, लूट, पशु तस्करी और एनडीपीएस अपराधियों की संपत्ति जब्त-कुर्क करने, महिला सुरक्षा मजबूत करने और मुकदमों का 60-90 दिन में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
 

वाराणसी: कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा को लेकर वाराणसी पुलिस ने अपनी प्राथमिकताएं और सख्त कर दी हैं। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को कैंप कार्यालय में थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संगठित अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, अपराध से अर्जित संपत्ति की जब्ती-कुर्की, महिला सुरक्षा और लंबित मुकदमों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

संगठित अपराधियों पर NSA और गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई

पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिसिंग का हर स्तर जनकेंद्रित होना चाहिए। संगठित अपराध में शामिल अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए जरूरत के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA), गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।

उन्होंने फ्लैट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड, चोरी, लूट, छिनैती, पशु तस्करी और एनडीपीएस से जुड़े अपराधों में संलिप्त अपराधियों की संपत्तियों की भी जांच करने के निर्देश दिए। अपराध से अर्जित संपत्ति मिलने पर नए कानूनी प्रावधानों के तहत उसे जब्त और कुर्क करने की कार्रवाई करने को कहा।

चौराहों पर फैंटम दस्तों की बढ़ेगी मौजूदगी

पुलिस आयुक्त ने फैंटम दस्तों को और अधिक सक्रिय करने के निर्देश दिए। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर उनकी दृश्यता बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि पुलिस की मौजूदगी आम लोगों को नजर आए और अपराधियों में प्रभावी निरोधात्मक संदेश जाए।

इसके साथ ही थाना और तहसील समाधान दिवसों को भी अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि आम लोगों की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर समय से समाधान हो सके।

स्कूलों में चलेगा जागरूकता अभियान, मनचलों पर सख्ती

महिला और बालिका सुरक्षा को लेकर पुलिस आयुक्त ने विद्यालयों में नियमित जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। छात्राओं को पुलिस और महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया।

उन्होंने सार्वजनिक स्थानों और स्कूल-कॉलेजों के आसपास महिलाओं एवं छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए।

60 और 90 दिन में मुकदमों के निस्तारण पर जोर

पुलिस आयुक्त ने विवेचनाओं की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने ई-साक्ष्य (e-Evidence) के संकलन की प्रक्रिया समय से पूरा करने और सभी मुकदमों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने हत्या और दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों की विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए जांच को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

राजपत्रित अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही

समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विवेचना से जुड़े नियम और निर्धारित समयसीमा केवल थाना स्तर के अधिकारियों पर ही नहीं, बल्कि राजपत्रित अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होंगे। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि विवेचना की नियमित निगरानी की जाए और किसी स्तर पर अनावश्यक देरी न होने पाए।

अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था पर भी फोकस

शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अतिक्रमण के खिलाफ नियमित कार्रवाई और चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता देने को कहा गया।

इसके अलावा आगामी कांवड़ यात्रा मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने संवेदनशील मार्गों की ड्रोन से निगरानी करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए।

डीजे संचालकों को ध्वनि मानकों का पालन कराने के निर्देश

बैठक में डीजे संचालकों के साथ बैठक कर निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन सुनिश्चित कराने को भी कहा गया। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी काशी गौरव बंशवाल, डीसीपी गोमती नीतू और डीसीपी यातायात अनिल कुमार यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।