वाराणसी पुलिस लाइन में बनेंगे 32 नए आवास, सरकार ने 34 करोड़ की परियोजना को दी मंजूरी
वाराणसी: पुलिस कमिश्नरेट में तैनात अधिकारियों की लंबे समय से चली आ रही आवास की समस्या अब जल्द खत्म होने वाली है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस लाइन परिसर में 32 नए सरकारी आवासों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 34 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए 12 करोड़ रुपये की पहली किस्त पुलिस निर्माण निगम को जारी कर दी गई है।
पुलिस लाइन में बनेंगे 32 आधुनिक आवास
पुलिस विभाग के अनुसार पुलिस लाइन परिसर में अलग-अलग स्थानों पर भवन निर्माण के लिए जमीन पहले ही चिह्नित की जा चुकी है। स्वीकृत परियोजना के तहत अधिकारियों के लिए कुल 32 नए आवास बनाए जाएंगे।
इनमें टाइप-5 श्रेणी के सात आवास होंगे, जिनमें तीन बेडरूम, ड्राइंग रूम और डाइनिंग रूम की सुविधा रहेगी। वहीं टाइप-4 श्रेणी के 25 आवास तैयार किए जाएंगे, जिनमें दो बेडरूम के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कमिश्नरेट बनने के बाद बढ़ी थी आवास की समस्या
वाराणसी में 25 मार्च 2021 को पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकारियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई। वर्तमान में कमिश्नरेट में करीब 12 आईपीएस अधिकारी विभिन्न जिम्मेदारियों पर तैनात रहते हैं।
हालांकि पर्याप्त सरकारी आवास उपलब्ध नहीं होने के कारण कई अधिकारियों को निजी मकानों या वैकल्पिक व्यवस्था में रहना पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए शासन ने नए आवास निर्माण का फैसला लिया।
एक साल में पूरा होगा निर्माण कार्य
सरकार ने इस परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश पुलिस निर्माण निगम को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए एक वर्ष का समय दिया गया है। चूंकि भूमि पहले से उपलब्ध है और पहली किस्त भी जारी हो चुकी है, इसलिए निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है।
अधिकारियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
पुलिस विभाग का मानना है कि नए आवास बनने के बाद अधिकारियों को रहने की बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे उनके कार्य निष्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही सरकारी आवास की कमी की समस्या भी काफी हद तक दूर हो जाएगी।
क्या बोले डीसीपी प्रमोद कुमार
उपायुक्त पुलिस लाइंस प्रमोद कुमार ने बताया कि दोनों श्रेणी के आवासों के निर्माण के लिए स्थान उपलब्ध करा दिया गया है। बजट की पहली किस्त जारी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद कमिश्नरेट में अधिकारियों की आवास संबंधी समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी।