वाराणसी: जुड़वां बेटों को जन्म देने के बाद मां की मौत! डॉक्टर-स्टाफ शव छोड़कर फरार, परिजनों ने हाईवे पर किया चक्का जाम
वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में निजी अस्पताल में जुड़वां बेटों को जन्म देने के बाद महिला की मौत हो गई। परिजनों ने मौत छिपाने, इलाज के नाम पर बिल वसूलने और डॉक्टर के फरार होने का आरोप लगाया। घटना के बाद NH-29 पर चार घंटे तक जाम रहा। पुलिस ने डॉक्टर समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया।
वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। प्रसव के दौरान जुड़वां बेटों को जन्म देने वाली 23 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने मौत की जानकारी छिपाकर लगातार दवाइयों और इलाज के नाम पर पैसे वसूले। जब परिजनों को महिला की हालत पर शक हुआ तो मामला खुला। आरोप है कि हंगामा शुरू होते ही डॉक्टर और अस्पताल का पूरा स्टाफ शव छोड़कर फरार हो गया। घटना के विरोध में परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-29 पर शव रखकर प्रदर्शन किया, जिससे करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहा।
प्रसव पीड़ा होने पर निजी अस्पताल में कराया गया था भर्ती
चौबेपुर के नेबादा बभनपुरा निवासी मिथिलेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी कंचन कुमारी (23) को प्रसव पीड़ा होने पर 2 अगस्त को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात में कंचन ने जुड़वां बेटों को जन्म दिया। परिवार को उम्मीद थी कि मां और बच्चे स्वस्थ होंगे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद हालात बदल गए।
'गंभीर हालत' बताकर दूसरे अस्पताल भेजा गया
परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद कंचन को बच्चों से मिलवाए बिना उसकी हालत गंभीर बताई गई और उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद अभय क्लीनिक एंड मैटरनिटी होम में उसका इलाज चलता रहा, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत की जानकारी छिपाने और बिल वसूलने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि महिला की मौत के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी। इलाज और दवाइयों के नाम पर लगातार पर्चियां और बिल थमाए जाते रहे। इसी दौरान परिजनों ने कंचन के मुंह से झाग निकलते देखा, जिसके बाद उन्हें स्थिति पर संदेह हुआ और मौत की जानकारी सामने आई।
हंगामा होते ही डॉक्टर और स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार
मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे। आरोप है कि हंगामा बढ़ता देख अस्पताल कर्मियों ने अस्पताल का नाम दर्शाने वाला बोर्ड तक हटा दिया और डॉक्टर समेत पूरा स्टाफ मौके से फरार हो गया। इससे नाराज लोगों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की।
NH-29 पर शव रखकर प्रदर्शन, चार घंटे तक जाम
गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने महिला का शव राष्ट्रीय राजमार्ग-29 पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब चार घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
डॉक्टर, झोलाछाप और नर्सिंग स्टाफ पर मुकदमा दर्ज
पुलिस के आश्वासन के बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया। मृतका के पति मिथिलेश कुमार की तहरीर पर डॉक्टर महेंद्र यादव, एक कथित झोलाछाप चिकित्सक और एक नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस बोली- सभी आरोपों की जांच जारी
एसीपी सारनाथ विनय द्विवेदी ने बताया कि महिला की मौत के मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर संबंधित डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।