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वाराणसी: 434 करोड़ टैक्स बकाया, 1 लाख भवन मालिक निशाने पर- 31 मार्च तक मौका, वरना… 

वाराणसी में नगर निगम ने संपत्ति कर बकायेदारों पर सख्ती करते हुए 1264 भवन सील किए हैं। शहर में 434 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। 31 मार्च तक स्वर्णिम छूट योजना लागू है। इसके बाद ब्याज सहित वसूली होगी। अब तक 142.59 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है।

 

वाराणसी: शहर में संपत्ति कर, जलकर और सीवर कर के बड़े बकायेदारों पर नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। एक लाख से अधिक भवन स्वामियों द्वारा टैक्स जमा न करने पर निगम ने कार्रवाई तेज करते हुए पिछले एक महीने में 1264 बड़े बकायेदारों के भवनों को सील कर दिया है और कई मामलों में कुर्की की कार्रवाई भी की गई है। निगम की इस सख्ती के बाद अब भवन स्वामी तेजी से बकाया टैक्स जमा कर रहे हैं।

नगर निगम ने ‘स्वर्णिम छूट योजना’ के तहत 31 मार्च तक जलकर और सीवर कर के पुराने ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। इसके बाद टैक्स जमा करने पर ब्याज सहित पूरी राशि वसूली जाएगी और अगले वित्तीय वर्ष में किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी।

शहर में कुल 2,33,708 भवन गृहकर, जलकर और सीवर कर के दायरे में हैं, जिन पर कुल 434.65 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगम ने 225.05 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा है, जिसमें से अब तक 142.59 करोड़ रुपये, यानी 63.36 प्रतिशत की वसूली हो चुकी है।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जोनवार समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले वसूली अभियान और तेज किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 31 मार्च तक टैक्स जमा न करने वाले भवन स्वामियों से अगले वित्तीय वर्ष में ब्याज सहित सख्ती से वसूली की जाएगी।

वसूली के आंकड़ों के अनुसार भेलूपुर जोन 81.80 प्रतिशत वसूली के साथ सबसे आगे है, जबकि वरुणापार जोन ने 78.19 प्रतिशत वसूली दर्ज की है। वहीं आदमपुर और कोतवाली जोन अभी भी लक्ष्य से काफी पीछे हैं।

नगर निगम लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चला रहा है। पंफ्लेट वितरण, जोनवार कैंप और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। भवन स्वामी घर बैठे क्यूआर कोड या निगम की वेबसाइट के माध्यम से भी टैक्स जमा कर सकते हैं।

नगर निगम ने भवन स्वामियों से अपील की है कि वे स्वर्णिम छूट योजना का लाभ उठाकर समय रहते टैक्स जमा करें, अन्यथा बाद में उन्हें ब्याज सहित पूरी राशि चुकानी पड़ेगी।