3 साल से भटक रही वृद्धा को नहीं मिली पेंशन, समाधान दिवस पर दोबारा पहुंचकर लगाई गुहार
वाराणसी की राजातालाब तहसील में समाधान दिवस के दौरान तीन साल से वृद्धा पेंशन के लिए भटक रही निर्मला देवी को न्याय नहीं मिला। 172 शिकायतों में सिर्फ 12 का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
वाराणसी: तहसील राजातालाब में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता का गवाह बना। इसरवार गांव की रहने वाली वृद्धा निर्मला देवी तीसरी बार समाधान दिवस में पहुंचीं, लेकिन वर्षों से लंबित वृद्धा पेंशन की समस्या का समाधान नहीं हो सका।
वृद्धा ने प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से समाधान दिवस, ब्लॉक कार्यालय और संबंधित विभागों के चक्कर काट रही हैं, बावजूद इसके उन्हें अब तक पेंशन नहीं मिली। तहसीलदार शालिनी सिंह सहित मौजूद अधिकारी वृद्धा को मौके पर राहत दिलाने में असफल रहे, जिससे निराश होकर वह वापस लौट गईं।
समाधान दिवस में कुल 172 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें पेंशन, राशन, सड़क, नाली, चकरोड और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़े मामले शामिल थे। इनमें से मात्र 12 शिकायतों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। भौरकला निवासी अनुज कुमार सिंह ने सरकारी खलिहान की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जबकि लक्ष्मणपुर निवासी जसवंत ने कोटेदार पर अनियमितता का आरोप लगाया।
उधर, पिंडरा तहसील में मुख्यमंत्री व अन्य वीवीआईपी कार्यक्रमों के कारण वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति रही, जिससे फरियादियों की संख्या कम दिखाई दी। यहां केवल 73 शिकायतें दर्ज हुईं और सिर्फ दो मामलों का निस्तारण हो पाया। कई फरियादी बिना सुनवाई के लौट गए।
थाना गांव निवासी अवनीश पांडेय ने एक बार फिर शुद्ध पेयजल की समस्या उठाई और जलनिगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं परसरा गांव की विधवा शांति देवी ने दबंग पड़ोसियों द्वारा कुआं पाटकर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत करते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई।
सदर तहसील में कुल 150 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें राजस्व से जुड़ी 96, विकास से संबंधित 35 और पुलिस से जुड़े 19 मामले शामिल थे। इनमें से 11 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।