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काम कराने ले गए, छत गिरी और किशोर की मौत! न्याय की मांग को लेकर थाने पर परिवार का हंगामा   

वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में 17 वर्षीय विकास भारद्वाज की छत गिरने से मौत के मामले में परिजनों ने मकान मालिक और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि युवक को जबरन काम कराने ले जाया गया था। हादसे में अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं। पिता ने न्याय की मांग की है।

 

वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र के घुरहूपुर में 17 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को जबरन गाड़ी में बैठाकर काम कराने ले जाया गया, जहां अधूरी इमारत की छत गिरने से उसकी दबकर मौत हो गई। पीड़ित पिता ने पूरे मामले में मकान मालिक और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।

घर के बाहर बैठे थे युवक, तभी आई फॉर्च्यूनर

घुरहूपुर निवासी दिनेश कुमार पुत्र स्वर्गीय शंभू राजभर के अनुसार, घटना 3 मार्च 2026 की सुबह करीब 9 बजे की है। उनका बेटा विकास भारद्वाज (विक्की), उम्र लगभग 17 वर्ष, अपने दोस्तों संदीप राजभर और दशरथ राजभर के साथ घर के बाहर बैठा हुआ था।

इसी दौरान एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार उनके घर के पास आकर रुकी। आरोप है कि कार से बमबम सिंह और ठेकेदार रेयाज अहमद उतरे और युवकों से अपने घर पर काम करने के लिए कहने लगे।

काम से मना करने पर जबरन गाड़ी में बैठाने का आरोप

परिजनों के अनुसार, विकास और उसके दोस्तों ने काम करने से मना कर दिया। इसके बावजूद बमबम सिंह और रेयाज अहमद ने लगातार दबाव बनाया और तीनों युवकों को उनकी इच्छा के खिलाफ जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर ले गए। दिनेश कुमार का कहना है कि उसी समय उनकी भाभी अनीता राजभर ने आकर बताया कि कुछ लोग उनके बेटे और उसके दोस्तों को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए हैं।

कुछ देर बाद आया मौत का फोन

परिजन अभी बच्चों की तलाश कर ही रहे थे कि तभी संदीप राजभर का फोन आया, जिसने बताया कि विकास भारद्वाज (विक्की) की मौत हो गई है। 

पिस्तौल दिखाकर काम कराने का आरोप

दिनेश कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने मकान मालिक बमबम सिंह पर दबाव बनाया तो उसने और ठेकेदार रेयाज अहमद ने उन्हें धमकाया और कहा कि जहां कहा जा रहा है वहां हस्ताक्षर कर दो, नहीं तो तुम्हें भी बेटे की तरह मार दिया जाएगा। पीड़ित पिता का कहना है कि आरोपियों ने उनके घर आकर जबरदस्ती एक कागज पर हस्ताक्षर भी कराए और पिस्तौल दिखाकर चुप रहने की धमकी दी।

अधूरी इमारत की छत गिरने से हुआ हादसा

घटना के बारे में संदीप राजभर ने परिजनों को बताया कि बमबम सिंह के अर्धनिर्मित मकान में फर्श की मिट्टी कच्ची होने के कारण सेंटरिंग दब रही थी।

बताया गया कि स्थिति खराब देखकर कई मजदूर डरकर बाहर निकल गए थे। लेकिन आरोप है कि मकान मालिक ने पिस्तौल दिखाकर सभी को काम जारी रखने के लिए मजबूर किया और कहा कि काम आज ही पूरा करना होगा। संदीप के अनुसार, जब विकास और उसके साथियों ने जान का खतरा बताते हुए बाहर जाने की गुहार लगाई तो आरोपित ने पिस्तौल दिखाकर गोली मारने की धमकी दी।

पानी के दबाव से भरभराकर गिरी छत

इसके बाद कथित तौर पर युवकों को जबरदस्ती अंदर काम कराने ले जाया गया। इसी दौरान पानी के दबाव के कारण पूरी छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। इस हादसे में विकास भारद्वाज (विक्की) छत के मलबे में दब गया और उसकी मौत हो गई, जबकि संदीप राजभर, दशरथ राजभर और अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

परिवार पर टूटा आर्थिक संकट

दिनेश कुमार का कहना है कि विकास उनके परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद परिवार पर भारी आर्थिक संकट आ गया है। पीड़ित पिता ने प्रशासन से अपील की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार को न्याय दिलाया जाए।