वाराणसी: शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल बनेगा सुपर स्पेशलिटी सेंटर, शुरू हुआ निर्माण कार्य, हार्ट-कैंसर और न्यूरो मरीजों को मिलेगी विशेष सुविधा
वाराणसी के कबीरचौरा स्थित शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल को 315 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशलिटी सेंटर में बदला जाएगा। 500 बेड, ICU, कैंसर, न्यूरो और हार्ट यूनिट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस यह अस्पताल पूर्वांचल के लाखों मरीजों के लिए बड़ा स्वास्थ्य केंद्र बनेगा।
वाराणसी: कबीरचौरा स्थित शिव प्रसाद गुप्त चिकित्सालय की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर अस्पताल को अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। 315 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरू हो चुका है।
वाराणसी दक्षिणी के विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने बताया कि यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाली पहल है। उन्होंने कहा कि वर्षों पुराने इस अस्पताल को आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
150 साल पुराने अस्पताल का होगा आधुनिक पुनर्निर्माण
वर्ष 1870-75 के दौरान स्थापित शिव प्रसाद गुप्त चिकित्सालय लंबे समय से पूर्वांचल के लाखों मरीजों के उपचार का प्रमुख केंद्र रहा है। लेकिन समय के साथ भवन जर्जर होते गए और आधुनिक सुविधाओं की जरूरत महसूस होने लगी।
अब पुराने ढांचे को हटाकर यहां नया आठ मंजिला सुपर स्पेशलिटी भवन तैयार किया जाएगा। दो टावरों वाले इस विशाल परिसर में आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अत्याधुनिक मशीनें और हाईटेक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
300 से बढ़कर 500 बेड की होगी क्षमता
वर्तमान में 300 बेड वाले इस अस्पताल को विस्तार देकर 500 बेड क्षमता का बनाया जाएगा। अस्पताल में मरीजों के लिए बेहतर वार्ड, इमरजेंसी यूनिट और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 50 से अधिक ICU बेड और 100 से ज्यादा HDU बेड की व्यवस्था की जाएगी।
हार्ट, कैंसर और न्यूरो मरीजों को मिलेगी विशेष सुविधा
नई परियोजना के तहत अस्पताल में हृदय रोग, कैंसर और न्यूरो से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए विशेष यूनिट बनाई जाएंगी। इसके अलावा किडनी रोगियों के लिए 20 बेड का आधुनिक डायलिसिस सेंटर भी विकसित किया जाएगा।
बच्चों के इलाज को ध्यान में रखते हुए समर्पित चाइल्ड यूनिट तैयार होगी। वहीं निकट स्थित महिला अस्पताल में बच्चों के लिए अलग ICU ब्लॉक बनाने की भी योजना है।
पार्किंग की समस्या से भी मिलेगी राहत
अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों की सबसे बड़ी परेशानी पार्किंग को लेकर रहती है। इसे देखते हुए नए परिसर में 600 से अधिक वाहनों की पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इससे अस्पताल परिसर में अव्यवस्था कम होगी और मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
रोजाना हजारों मरीजों का इलाज
डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 2 से 3 हजार मरीज पहुंचते हैं, जबकि कई दिनों में यह संख्या 4 हजार तक पहुंच जाती है। वाराणसी के अलावा पूर्वांचल के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शिव प्रसाद गुप्त चिकित्सालय पूर्वांचल का सबसे आधुनिक सरकारी अस्पताल बनकर उभरेगा, जहां विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
विधायक बोले- काशी में स्वास्थ्य क्षेत्र का नया दौर शुरू
विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के कारण काशी में स्वास्थ्य सेवाओं का नया युग शुरू हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूर्वांचल के लाखों लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बनेगी।