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लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज के खिलाफ वाराणसी में उबाल, बार एसोसिएशन की चेतावनी- मांगें नहीं मानीं तो ठप होगा कामकाज

लखनऊ में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज और चैंबर तोड़े जाने के विरोध में वाराणसी बार एसोसिएशन की आपात बैठक हुई। अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, घायल वकीलों को मुआवजा और चैंबर दोबारा बनवाने की मांग की। मांगें न मानी गईं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई।

 

वाराणसी: लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज और चैंबर तोड़े जाने की घटना को लेकर सोमवार को वाराणसी में संयुक्त बार एसोसिएशन की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। बैठक में अधिवक्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, घायल वकीलों को आर्थिक सहायता और क्षतिग्रस्त चैंबर दोबारा बनवाने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी, यदि सरकार जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

संयुक्त बार एसोसिएशन सभागार में हुई अहम बैठक

संयुक्त बार एसोसिएशन सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महामंत्री सुधांशु मिश्रा एडवोकेट ने किया।

लखनऊ घटना की कड़ी निंदा

बैठक में अधिवक्ताओं ने लखनऊ में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। अधिवक्ताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वकीलों के साथ इस प्रकार की कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है। प्रस्तावक रंजन कुमार मिश्र और सूर्यभान सिंह एडवोकेट द्वारा पेश प्रस्ताव को सभा ने सर्वसम्मति से पारित किया।

घायल वकीलों के इलाज और मुआवजे की मांग

बैठक में मांग की गई कि लाठीचार्ज में घायल हुए अधिवक्ताओं का समुचित इलाज कराया जाए और उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि घटना में कई वकील गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन को लेनी चाहिए।

तोड़े गए चैंबर दोबारा बनाने की मांग

बार एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि लखनऊ में कई ऐसे अधिवक्ता चैंबर भी तोड़ दिए गए, जिन्हें हटाने की आवश्यकता नहीं थी। बैठक में मांग उठी कि जिन वकीलों के चैंबर ध्वस्त किए गए हैं, उनके लिए तत्काल नए चैंबर बनवाकर उपलब्ध कराए जाएं। अधिवक्ताओं ने इसे वकीलों के सम्मान और कार्यक्षेत्र से जुड़ा मुद्दा बताया।

दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

बैठक में यह भी मांग की गई कि घटना में शामिल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं का कहना था कि यदि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वकीलों में आक्रोश और बढ़ेगा।

प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

बार एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।