वाराणसी : सोनिया गांधी पर वंदे मातरम् के अपमान का आरोप, पूर्व प्रधान ने सारनाथ थाने में दी FIR की तहरीर
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाया है। इसी मुद्दे को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। वाराणसी में भी देर शाम कांग्रेस महानगर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया।
इसी बीच वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर गांव के पूर्व ग्राम प्रधान और अधिवक्ता नागेश्वर मिश्रा ने सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को देने की बात कही है।
सोनिया गांधी पर क्या लगाया गया आरोप?
नागेश्वर मिश्रा ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् के गायन को बीच में रोकने का प्रयास किया। उनका कहना है कि राष्ट्रीय गीत के प्रति इस तरह का व्यवहार गंभीर और आपत्तिजनक है।
तहरीर में उन्होंने यह भी कहा है कि कथित घटना के लिए सोनिया गांधी की ओर से कोई माफी नहीं मांगी गई। नागेश्वर मिश्रा ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी के मुताबिक, नागेश्वर मिश्रा की ओर से सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के संबंध में तहरीर दी गई है। मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। अधिकारियों से मिले निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा ने वीडियो शेयर कर लगाए आरोप
वंदे मातरम् को लेकर विवाद उस समय बढ़ा, जब भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। भाजपा का आरोप है कि कार्यक्रम में वंदे मातरम् का गायन चल रहा था और शुरुआती पंक्तियों के बाद सोनिया गांधी ने गीत रोकने का संकेत दिया।
भाजपा ने अपने पोस्ट में यह भी दावा किया कि पूरे गायन के दौरान राहुल गांधी भी असहज नजर आए। हालांकि, इन आरोपों को लेकर कांग्रेस ने अलग पक्ष रखा है।
कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भाजपा के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया गया और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई।
जयराम रमेश के मुताबिक, सोनिया गांधी काफी देर से खड़ी थीं और उन्होंने वहां अपने लिए कुर्सी रखने का संकेत दिया था। कांग्रेस का दावा है कि उनके इशारे को वंदे मातरम् रोकने की कोशिश के तौर पर पेश किया जा रहा है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है।
कांग्रेस कार्यक्रमों में वंदे मातरम् की परंपरा का भी जिक्र
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के इस्तेमाल की परंपरा पुरानी है। उन्होंने 28 अक्टूबर 1937 को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद और जवाहरलाल नेहरू समेत कई प्रमुख नेता बैठक में मौजूद थे।
उनके अनुसार, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् की शुरुआती पंक्तियों के इस्तेमाल की परंपरा तय हुई थी।
नए कानून को लेकर भी चर्चा
वंदे मातरम् को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब इसके सम्मान और अपमान को लेकर कानूनी प्रावधानों पर भी चर्चा तेज है। आरोप है कि नए कानून में वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी संरक्षण दिया गया है और जानबूझकर अपमान या गायन में बाधा डालने पर सजा का प्रावधान किया गया है।
हालांकि, सोनिया गांधी के खिलाफ दी गई तहरीर पर पुलिस की ओर से अभी FIR दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। आगे की कार्रवाई अधिकारियों के निर्देश के बाद तय होगी।
कौन हैं नागेश्वर मिश्रा?
सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर गांव निवासी नागेश्वर मिश्रा पेशे से अधिवक्ता हैं और वर्ष 2000 से 2005 के बीच गांव के प्रधान रह चुके हैं। बताया जाता है कि वर्ष 2004 में उन्होंने विकास खंड अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था।
नागेश्वर मिश्रा समसामयिक मुद्दों पर कविताएं भी लिखते हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। इससे पहले भी वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अमेरिका में दिए गए कथित बयानों को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी की MP-MLA कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।
फिलहाल वंदे मातरम् विवाद में सोनिया गांधी के खिलाफ दी गई तहरीर के बाद वाराणसी में भी राजनीतिक बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन का दौर तेज हो गया है। अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है।