प्राथमिक विद्यालय मंडुवाडीह की नीलम को शिक्षक पुरस्कार, नवाचार और डिजिटल शिक्षण ने दिलाई पहचान
वाराणसी: प्राथमिक विद्यालय मंडुवाडीह की सहायक अध्यापिका नीलम राय का चयन राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए हुआ है। नवाचार, तकनीक आधारित शिक्षण और गतिविधियों के जरिए बच्चों की पढ़ाई को आसान और रोचक बनाने के उनके प्रयासों को राज्य स्तर पर सम्मान मिला है। नीलम के चयन से विद्यालय परिवार के साथ काशी विद्यापीठ विकासखंड और वाराणसी के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है।
2010 में शुरू किया शिक्षण का सफर
नीलम राय की शिक्षा-दीक्षा बलिया में हुई। उन्होंने वर्ष 2010 में बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका के रूप में अपनी सेवा यात्रा शुरू की। वर्ष 2012 में भदोही से वाराणसी आने के बाद उनकी नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय लोहता में हुई।
इसके बाद वर्ष 2018 में उनका स्थानांतरण इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय मंडुवाडीह में हुआ। यहां उन्होंने पारंपरिक शिक्षण पद्धति के साथ आधुनिक तकनीक और गतिविधि आधारित पढ़ाई को जोड़ा। उनका प्रयास रहा कि बच्चे सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि अलग-अलग माध्यमों से विषयों को समझें और सीखने में उनकी रुचि बनी रहे।
स्मार्ट क्लास और डिजिटल संसाधनों का रचनात्मक इस्तेमाल
नीलम राय के शिक्षण की खासियत कक्षा में आईसीटी और डिजिटल तकनीक का रचनात्मक उपयोग है। उनका मानना है कि तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ कक्षा को आधुनिक दिखाने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के लिए पढ़ाई को सरल, सहज, रोचक और प्रभावी बनाने के लिए होना चाहिए।
इसी सोच के साथ वह स्मार्ट क्लास, डिजिटल संसाधनों और गतिविधि आधारित शिक्षण का इस्तेमाल कर विद्यार्थियों को सीखने के अलग-अलग अवसर उपलब्ध करा रही हैं। उनके इस प्रयोग से बच्चों को विषयों को समझने के साथ-साथ उन्हें व्यवहारिक रूप से सीखने का मौका भी मिलता है।
2025 में मिल चुका है राज्य स्तरीय ICT पुरस्कार
तकनीक आधारित शिक्षण के क्षेत्र में नीलम राय के कार्य को पहले भी पहचान मिल चुकी है। वर्ष 2025 में उन्हें राज्य स्तरीय आईसीटी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके बाद अब राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए उनका चयन उनके शिक्षण कार्यों की एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
नीलम राय कहती हैं, "जब भी मैं बच्चों के साथ होती हूं, मुझे लगता है कि मैं उन्हें जितना सिखाती हूं, उससे कहीं अधिक वे मुझे सिखा जाते हैं।"
शिक्षक समुदाय के लिए भी गौरव का विषय
खंड शिक्षा अधिकारी काशी विद्यापीठ स्कंद गुप्त ने नीलम राय के चयन पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए उनका चयन उनके व्यक्तिगत समर्पण, मेहनत और उत्कृष्ट शिक्षण कार्यों का सम्मान है। साथ ही यह काशी विद्यापीठ विकासखंड और वाराणसी के शिक्षक समुदाय के लिए भी गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि नीलम राय ने नवाचारपूर्ण शिक्षण, कर्तव्यनिष्ठा और बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता के जरिए विद्यालयी शिक्षा को नई दिशा देने का प्रयास किया है। उनका सम्मान निश्चित रूप से दूसरे शिक्षकों को भी बेहतर और नवाचारपूर्ण कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।