नवरात्र में विंध्याचल जाना होगा आसान, वाराणसी से चलेंगी 86 बसें
वाराणसी। शारदीय नवरात्र में मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए विंध्याचल धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को बसों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए वाराणसी परिक्षेत्र से बस सेवाओं का विस्तार किया है। 11 से 21 अक्टूबर तक आठ डिपो से कुल 86 बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें 65 अतिरिक्त पूजा स्पेशल बसें शामिल हैं। बस सेवा से जुड़ी जानकारी के लिए निगम ने हेल्पलाइन नंबर 8726005897 भी जारी किया है।
सामान्य दिनों के मुकाबले चार गुना से अधिक बसें
सामान्य दिनों में वाराणसी परिक्षेत्र से विंध्याचल धाम के लिए 21 बसें संचालित होती हैं। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इनकी संख्या बढ़ाकर 86 कर दी गई है। इससे वाराणसी के अलावा आसपास के जिलों से विंध्याचल जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय के मुताबिक, नवरात्र में यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। अतिरिक्त बसों का संचालन यात्रियों की मांग और बसों की उपलब्धता के अनुसार किया जाएगा।
किस डिपो से कितनी अतिरिक्त बसें चलेंगी?
विंध्याचल धाम के लिए वाराणसी परिक्षेत्र के अलग-अलग डिपो से अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं। जौनपुर डिपो से सबसे अधिक 20 अतिरिक्त बसें संचालित होंगी। वहीं, कैंट और काशी डिपो से 10-10 बसें चलाई जाएंगी।
डिपोवार अतिरिक्त बसों का विवरण इस प्रकार है:
जौनपुर डिपो: 20 बसें
कैंट डिपो: 10 बसें
काशी डिपो: 10 बसें
चंदौली डिपो: 8 बसें
गाजीपुर डिपो: 2 बसें
सोनभद्र डिपो: 10 बसें
विंध्यनगर डिपो: 5 बसें
ग्रामीण डिपो: 12 बसें
इन बसों के संचालन से अलग-अलग जिलों के श्रद्धालुओं को विंध्याचल पहुंचने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। हालांकि, बसों की उपलब्धता और संचालन यात्रियों की मांग के अनुसार तय किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
नवरात्र में बस सेवाओं से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए परिवहन निगम ने हेल्पडेस्क नंबर 8726005897 जारी किया है। श्रद्धालु इस नंबर पर बसों के संचालन और उपलब्धता से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विंध्याचल पहुंचते हैं। ऐसे में रोडवेज की ओर से बसों की संख्या बढ़ाए जाने से यात्रियों की भीड़ संभालने और आवागमन को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।