नारी सशक्तिकरण में वाराणसी बना नंबर-1, लगातार दूसरे महीने यूपी आजीविका मिशन रैंकिंग में टॉप
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन की जून 2026 रैंकिंग में वाराणसी लगातार दूसरे महीने पहले स्थान पर रहा। स्वयं सहायता समूहों, बीसी सखी, क्रेडिट लिंकेज, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण के बेहतर कार्यों के आधार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र प्रदेश में अव्वल रहा।
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी ने महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार के क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन (UPSRLM) की जून 2026 की रैंकिंग में वाराणसी लगातार दूसरे महीने पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर करने और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर जिले ने यह उपलब्धि हासिल की है।
लगातार दूसरे महीने प्रदेश में नंबर-1
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत लखनऊ मुख्यालय हर महीने विभिन्न प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर जिलों की रैंकिंग जारी करता है। जून 2026 की सूची में 1699 अंकों के साथ वाराणसी पहले स्थान पर रहा। इससे पहले मई 2026 की रैंकिंग में भी वाराणसी ने पहला स्थान हासिल किया था।
इस बार अंबेडकर नगर दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, अयोध्या ने आठ स्थान की छलांग लगाकर चौथा और आगरा ने छह स्थान की बढ़त के साथ पांचवां स्थान हासिल किया।
महिलाओं की आर्थिक मजबूती बनी सफलता की सबसे बड़ी वजह
वाराणसी में आजीविका मिशन के माध्यम से हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। मिशन ने महिलाओं को सिर्फ रोजगार ही नहीं, बल्कि उनके हुनर को पहचान दिलाने और बाजार उपलब्ध कराने का भी काम किया है। महिलाएं आज हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, कृषि आधारित गतिविधियों और अन्य स्वरोजगार योजनाओं के जरिए परिवार की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
प्रेरणा मार्ट से फूड कार्ट तक मिला बाजार
महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रेरणा मार्ट, आजीविका संवर्धन केंद्र और 12 इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा फूड कार्ट के माध्यम से महिलाओं को मिलेट्स (श्री अन्न) आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने का भी अवसर मिला है, जिससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
इन मानकों पर हुई जिलों की रैंकिंग
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन ने विभिन्न प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर जिलों का मूल्यांकन किया। इनमें प्रमुख रूप से स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल की प्रोफाइलिंग, नए समूहों एवं ग्राम संगठनों का गठन, क्रेडिट लिंकेज, स्टार्टअप फंड, आंतरिक अंकेक्षण, मॉडल संकुल को व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF), बीसी सखी एवं विद्युत सखी की उपलब्धियां, उत्पादक समूहों का गठन, वार्षिक कार्ययोजना के सापेक्ष व्यय शामिल रहे।
जून 2026: यूपी राज्य आजीविका मिशन टॉप-10 रैंकिंग
| रैंक | जनपद | कुल स्कोर |
|---|---|---|
| 1 | वाराणसी | 1699 |
| 2 | अंबेडकर नगर | 1642 |
| 3 | बिजनौर | 1599 |
| 4 | अयोध्या | 1587 |
| 5 | आगरा | 1563 |
| 6 | हापुड़ | 1538 |
| 7 | अलीगढ़ | 1513 |
| 8 | सहारनपुर | 1513 |
| 9 | इटावा | 1500 |
| 10 | फर्रुखाबाद | 1446 |
महिलाओं की मेहनत का मिला सम्मान
जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) श्रवण सिंह ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आजीविका मिशन के तहत लगातार बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगातार दूसरे महीने प्रदेश में पहला स्थान मिलना जिले की महिला समूहों, मिशन की टीम और संबंधित विभागों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अभियान और तेज किया जाएगा।