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वाराणसी: नौकरी का झांसा देकर खुलवाए दो बैंक खाते, साइबर ठगी के 4.55 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन; खाताधारक गिरफ्तार
 

 

वाराणसी। वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र में म्यूल (Mule) अकाउंट से जुड़े साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। गृह मंत्रालय की भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा चिन्हित बैंक खातों की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि एक युवक को नौकरी का झांसा देकर उसके नाम से दो बैंक खाते खुलवाए गए और उन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से अर्जित रकम के लेनदेन के लिए किया गया।

पुलिस के अनुसार, युवक के खाते में इस काम के बदले केवल 500 रुपये दिए गए, जबकि उसके बैंक खातों से अब तक करीब 4 लाख 55 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। इस मामले में NCCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर उसके खातों के खिलाफ पांच शिकायतें दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस ने खाताधारक अवधेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

नौकरी दिलाने के नाम पर जाल में फंसाया

फूलपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि गृह मंत्रालय की ओर से म्यूल अकाउंट की जांच के दौरान एसबीआई के एक संदिग्ध खाते की जांच फूलपुर थाने को सौंपी गई थी। जांच में खाताधारक की पहचान अवधेश कुमार, निवासी पिण्डराई, थाना फूलपुर के रूप में हुई। पुलिस टीम ने उसके घर पहुंचकर पूछताछ की।

अवधेश ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले एक महिला ने फोन कर उसे बाबतपुर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। महिला ने उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे, जिन्हें उसने उपलब्ध करा दिया।

बैंक खाते और एटीएम कार्ड भी सौंप दिए

पूछताछ में अवधेश ने बताया कि महिला ने उसके एसबीआई बैंक खाते की पासबुक, एटीएम कार्ड और उसका पिन भी अपने पास रख लिया। इसके बदले उसके खाते में 500 रुपये भेजे गए। करीब छह महीने बाद महिला ने उसे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पिंडरा शाखा में एक और खाता खुलवाने के लिए कहा। उसने दूसरा खाता भी खुलवाकर उससे जुड़े सभी दस्तावेज महिला को भेज दिए।

पांच राज्यों से दर्ज हैं शिकायतें

पुलिस के अनुसार यूनियन बैंक के खाते के खिलाफ NCCRP पर कुल पांच शिकायतें दर्ज हैं। इनमें—

  • कृष्णानगर, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) – ₹53,205
  • रीवा (मध्य प्रदेश) – ₹14,895
  • रायसेन (मध्य प्रदेश) – ₹4,000
  • रांची (झारखंड) – ₹3,78,304
  • टेहरी गढ़वाल (उत्तराखंड) – ₹4,895

इन सभी मामलों में साइबर ठगी की रकम संबंधित बैंक खाते में ट्रांसफर होने की शिकायत दर्ज है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खाताधारक ने नौकरी के लालच में अपने बैंक खातों का उपयोग होने दिया और इसकी सूचना पुलिस या बैंक को नहीं दी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर अवधेश कुमार को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और महिला की तलाश में जुटी है, जिसने नौकरी का झांसा देकर बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध के लिए किया।