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वाराणसी: गोमती नदी में नहाते समय दो मासूम डूबे, NDRF और गोताखोरों की तलाश जारी

वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र में गोमती नदी में नहाने गए दो 10 वर्षीय बच्चे अयान और जीशान डूबकर लापता हो गए। सूचना पर पुलिस, प्रशासन और NDRF की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से सघन सर्च ऑपरेशन जारी है। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है।
 

वाराणसी: चोलापुर थाना क्षेत्र के दानगंज चौकी अंतर्गत कैथोर (भदवा) गांव स्थित ककरहा घाट पर बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। गोमती नदी में नहाने गए दो मासूम बच्चे अचानक गहरे पानी में समा गए और लापता हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चों की तलाश में जुट गई है।

ननिहाल आए थे दोनों बच्चे, नहाने के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार चौबेपुर क्षेत्र के लेढूपुर निवासी यूनुस का 10 वर्षीय पुत्र अयान तथा कौवापुर निवासी आरिफ का 10 वर्षीय पुत्र जीशान अपने ननिहाल आए हुए थे। बुधवार को गांव के करीब दर्जन भर बच्चे और किशोर ककरहा घाट पर गोमती नदी में नहाने गए थे।

नहाने के दौरान कुछ बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और अन्य बच्चों ने तत्परता दिखाते हुए कई बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन अयान और जीशान तेज धारा में बहकर लापता हो गए।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम

घटना की सूचना मिलते ही एसीपी पिंडरा विदुष सक्सेना और चोलापुर थाना प्रभारी सधुवन राम गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कराया गया।

इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने नदी और आसपास के इलाकों में गहन तलाश अभियान शुरू कर दिया। गोमती नदी के किनारे भारी संख्या में ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

दोनों बच्चों के लापता होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम जैसा माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।

थाना प्रभारी निरीक्षक सधुवन राम गौतम ने बताया कि स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ की सहायता से दोनों बच्चों की तलाश लगातार जारी है। नदी के आसपास के पूरे क्षेत्र को खंगाला जा रहा है।

गोमती नदी में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरी चिंता देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गोमती नदी के घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिसके चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी घाटों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

प्रशासन ने दिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के संकेत

घटना के बाद प्रशासन ने भी घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि संवेदनशील घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल दोनों बच्चों की तलाश जारी है।