वाराणसी में 78 करोड़ की लागत से बनेगा नया पुलिस मुख्यालय, आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस, मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने किया भूमि पूजन
वाराणसी। शहर में पुलिस प्रशासन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने गुरुवार को करीब 78 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए पुलिस मुख्यालय भवन के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया।
भूमि पूजन के बाद राज्यमंत्री ने कहा कि नए पुलिस मुख्यालय के बनने से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर एवं आधुनिक कार्यस्थल उपलब्ध होगा। भवन का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि पुलिस विभाग की जरूरतों के साथ-साथ आम लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा सके।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित पुलिस मुख्यालय परिसर में राजपत्रित अधिकारियों के लिए आवासीय भवन भी विकसित किए जाएंगे। इससे अधिकारियों को कार्यालय के साथ ही आवास की सुविधा भी परिसर में मिल सकेगी।
65 करोड़ से बढ़कर 78 करोड़ हुआ बजट
नए पुलिस मुख्यालय की योजना में पहले करीब 65 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था और नौ मंजिला भवन बनाए जाने की योजना थी। अब परियोजना की लागत बढ़ाकर करीब 78 करोड़ रुपये कर दी गई है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस भवन को वाराणसी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
नए मुख्यालय के निर्माण से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलने की उम्मीद है। वहीं, फरियादियों के लिए भी यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी। उन्हें पुलिस विभाग के अलग-अलग अधिकारियों से मिलने के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकने के बजाय एक ही परिसर में आवश्यक अधिकारियों तक पहुंचने की सुविधा मिल सकेगी।
गुणवत्ता और समयसीमा पर जोर
भूमि पूजन के दौरान राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल ने निर्माण कार्यदायी संस्था के अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए कि भवन का निर्माण निर्धारित मानकों और उच्च गुणवत्ता के साथ समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए।
कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, एसीपी शिवहरि मीणा समेत पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। नया पुलिस मुख्यालय तैयार होने के बाद वाराणसी पुलिस को आधुनिक प्रशासनिक ढांचा मिलने के साथ ही अधिकारियों, कर्मचारियों और फरियादियों के लिए सुविधाओं में भी इजाफा होने की उम्मीद है।