वाराणसी की बेटी ने किया कमाल, मधुमक्खी पालन से ‘बनारसी हनी’ बना रही नई पहचान
Varanasi : प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। वाराणसी के ओदार गांव की रहने वाली शिवानी पटेल ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM-YUVA) योजना का लाभ उठाकर न केवल खुद का व्यवसाय शुरू किया, बल्कि ‘बनारसी हनी’ नाम से अपनी अलग पहचान भी बना ली है।
कभी निजी क्षेत्र में नौकरी करने वाली शिवानी का सपना अपना व्यवसाय शुरू करने का था। इसी सोच के साथ उन्होंने मधुमक्खी पालन को अपनाया और महज पांच बक्सों से अपने सफर की शुरुआत की। किसी भी नए व्यवसाय की तरह उनके सामने भी सबसे बड़ी चुनौती पूंजी की थी।
इसी दौरान उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के बारे में जानकारी मिली। इस योजना के तहत उन्हें ब्याजमुक्त ऋण मिला, जिससे उन्होंने मधुमक्खियों के और बक्से खरीदे और अपने कारोबार का विस्तार किया। सरकार की इस आर्थिक सहायता ने उनके व्यवसाय को नई गति दी।
शिवानी बताती हैं कि ऋण मिलने के बाद शहद का उत्पादन तेजी से बढ़ा और उन्होंने ‘बनारसी हनी’ के नाम से अपना ब्रांड तैयार कर लिया। वह खुद मधुमक्खी बक्सों की देखरेख करती हैं और परिवार की मदद से शहद निकालने की पूरी प्रक्रिया को संभालती हैं। शुद्धता पर विशेष ध्यान देते हुए वे ग्राहकों को मल्टी-फ्लोरल और सरसों के शहद जैसे कई प्रकार के शहद उपलब्ध करा रही हैं।
शिवानी पटेल की यह सफलता कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा, दृढ़ संकल्प और सरकार का सहयोग मिले तो महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी बन सकती हैं। ‘बनारसी हनी’ आज नारी सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त प्रतीक बनता जा रहा है।