VDA का बड़ा डिजिटल कदम: अब कंपाउंडिंग के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर, ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया
वाराणसी: वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ऑनलाइन वीडीए कंपाउंडिंग सिस्टम (OVCS) की शुरुआत कर दी है। मंगलवार को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने इस नई डिजिटल व्यवस्था का शुभारंभ किया।
अब तक मानचित्र स्वीकृति से जुड़े कंपाउंडिंग प्रकरणों की प्रक्रिया ऑफलाइन होती थी, जिससे फाइलों की निगरानी और उनकी प्रगति की जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई होती थी। कई बार फाइलों के ट्रैक खोने जैसी समस्याएं भी सामने आती थीं। नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद अब आवेदक घर बैठे ही कंपाउंडिंग के लिए आवेदन कर सकेंगे।
घर बैठे आवेदन, ऑनलाइन शुल्क और रियल-टाइम ट्रैकिंग
OVCS के माध्यम से भवन स्वामी और पंजीकृत आर्किटेक्ट पोर्टल पर ड्रॉइंग और आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। आवेदन शुल्क भी ऑनलाइन जमा किया जा सकेगा। साथ ही आवेदन की प्रत्येक चरण की स्थिति (रियल-टाइम स्टेटस) ऑनलाइन देखी जा सकेगी। VDA ने सभी पंजीकृत आर्किटेक्ट्स को इस पोर्टल के संचालन का प्रशिक्षण भी दे दिया है।
हर अधिकारी के लिए तय हुई समय-सीमा
नई प्रणाली के तहत आवेदन प्राप्त होने से लेकर अंतिम निर्णय तक कनिष्ठ अभियंता (JE) से लेकर उपाध्यक्ष (VC) स्तर तक सभी अधिकारियों के लिए कार्य निष्पादन की समय-सीमा तय कर दी गई है। निर्धारित अवधि के भीतर या तो मानचित्र स्वीकृत किया जाएगा या फिर भवन उपविधियों के अनुसार आवश्यक आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। इससे अनावश्यक देरी खत्म होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनेगी।
अवैध निर्माण पर सख्ती, गरीबों के साथ संवेदनशील व्यवहार के निर्देश
शुभारंभ के दौरान उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने अधिकारियों को अधिक से अधिक भवन स्वामियों को मानचित्र स्वीकृति के लिए प्रेरित करने और सभी निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुसार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि नागरिकों को तेज, पारदर्शी और उत्तरदायी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में VDA के सभी पांच जोनों में मानचित्र स्वीकृति एवं कंपाउंडिंग से जुड़े लंबित और स्वीकृत मामलों की समीक्षा भी की गई। उपाध्यक्ष ने फील्ड स्टाफ को नियमित निरीक्षण करने और किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण न होने देने के निर्देश दिए। साथ ही प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान आम और गरीब नागरिकों के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी, सभी पांचों जोनों के जोनल अधिकारी, एसोसिएट इंजीनियर, कनिष्ठ अभियंता, लिपिकगण एवं आईटी एक्सपर्ट दिनेश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।