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काशी में आज से शुरू होगा विक्रमोत्सव : सम्राट विक्रमादित्य की गाथा होगी जीवंत, MP-UP के मुख्यमंत्री होंगे शामिल

 

वाराणसी। विक्रमोत्सव 2026 के तहत काशी में सांस्कृतिक वैभव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, न्यायप्रियता और गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में भव्य महानाट्य का मंचन किया जाएगा।

इस विशेष आयोजन का शुभारंभ Mohan Yadav, Gajendra Singh Shekhawat और Yogi Adityanath की मौजूदगी में होगा।

सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य: संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन

बीएलडब्ल्यू मैदान में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन Samrat Vikramaditya Research Institute के माध्यम से किया जा रहा है। इस महानाट्य में 200 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे। मंच पर हाथी, घोड़े, ऊंट, रथ और पालकियों के साथ प्राचीन भारतीय परंपराओं और युद्ध दृश्यों का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा।

लाइट शो, आतिशबाजी, नृत्य और बाबा महाकाल की भस्म आरती की झलकियां भी इस प्रस्तुति को खास बनाएंगी।

मुख्यमंत्री की परिकल्पना पर आधारित प्रस्तुति

यह विशेष महानाट्य Mohan Yadav की परिकल्पना पर तैयार किया गया है। इसे पद्मश्री Bhagwatilal Rajpurohit ने लिखा है, जबकि निर्माण राजेश कुशवाहा और निर्देशन संजीव मालवी ने किया है।

इसमें सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से लेकर उनके राजतिलक, विक्रम-बेताल की कथाओं और सनातन धर्म के उत्थान की गाथा को मंचित किया जाएगा।

बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी वैदिक घड़ी

इस आयोजन के दौरान भारतीय काल गणना की परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से बाबा Kashi Vishwanath Temple को वैदिक घड़ी समर्पित की जाएगी।

यह घड़ी पारंपरिक समय गणना के साथ डिजिटल तकनीक से भी जुड़ी होगी।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath 4 अप्रैल को काशी कोतवाल बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे।

मध्य प्रदेश के स्वादिष्ट व्यंजन भी होंगे आकर्षण

इस आयोजन में फूड कोर्ट भी खास आकर्षण का केंद्र रहेगा। यहां मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकेगा, जिनमें इंदौर का पोहा-जलेबी, मक्के का कीस, मालवा की कचौरी, कोदो भात, कुटकी की खीर और मावा बाटी जैसे व्यंजन शामिल होंगे।

इसके साथ ही अलग-अलग पेय पदार्थ जैसे छाछ, आम पना, शिकंजी और लस्सी भी लोगों को आकर्षित करेंगे।

तैयारियां पूरी, काशी में उत्सव का माहौल

इस भव्य आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। काशी में विक्रमोत्सव को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। यह आयोजन न सिर्फ संस्कृति और इतिहास को जीवंत करेगा, बल्कि आने वाले लोगों के लिए एक यादगार अनुभव भी साबित होगा।