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वाराणसी में जल संकट गहराया: 250 बड़े प्रतिष्ठानों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए नोटिस
 

 

वाराणसी: शहर में तेजी से गिरते भूजल स्तर और बढ़ते जल संकट को देखते हुए जलकल विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने करीब 250 बड़े प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया है, जहां अब तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) की व्यवस्था नहीं की गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, वाराणसी में औसत भूजल स्तर घटकर लगभग 3.66 मीटर तक पहुंच गया है, जो चिंता का विषय बन गया है। लगातार बढ़ती गर्मी और अत्यधिक जल दोहन के कारण हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।

जलकल विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजा गया है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना होगा और सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। यदि तय समय में निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का कहना है कि शहर में पानी की खपत तेजी से बढ़ रही है, जिससे भविष्य में जल संकट और गहरा सकता है। ऐसे में वर्षा जल संचयन को सबसे प्रभावी समाधान माना जा रहा है। इसे लेकर विभाग लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक भी कर रहा है।

नोटिस पाने वाले प्रतिष्ठानों में होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, इंडस्ट्री समेत अन्य बड़े व्यावसायिक संस्थान शामिल हैं, जहां पानी की खपत अधिक होती है। अधिकारियों का मानना है कि इन जगहों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग लागू होने से भूजल स्तर में सुधार लाने में मदद मिलेगी।